नई दिल्‍ली: मध्‍य प्रदेश के राज्‍यपाल लालजी टंडन ने कांग्रेस सरकार के उन 6 मंत्र‍ियों को मुख्‍यमंत्री कमलनाथ की सिफारिश पर कैबिनेट से बाहर का रास्‍ता दिखा दिया, जो ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया के समर्थक हैं और वे बागी विधायकों समेत बेंगलुरु चले गए थे. Also Read - VIDEO: Coronavirus Lockdown के बीच DIG रात में साइकिल पर निकले

गवर्नर ने मुख्‍यमंत्री कमलनाथ की कैबिनेट के जिन 6 मंत्रियों को बाहर किया है, उनमें इमरती देवी, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेंद्र सिंह सिसौदिया, प्रदुम्‍न सिंह तोमर और डॉ. प्रभुराम चौधरी शामिल हैं. Also Read - मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमित पाए गए दो आईपीएस अधिकारी, दोनों को भेजा गया आइसोलेट सेंटर  

मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने बीते 10 मार्च को इन 6 मंत्र‍ियों को हटाने की सिफारिश की थी. Also Read - मध्य प्रदेश में 'टोटल लॉकडाउन' के बाद लागू हुआ 'एस्मा', शिवराज सिंह चौहान ने दी जानकारी

बता दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को यहां राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात कर उन्हें एक पत्र सौंपकर भाजपा पर कांग्रेस के विधायकों को बंधक बनाये रखने और विधायकों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाया है.

कमलनाथ ने शुक्रवार की सुबह 11 बजे राज्यपाल से राजभवन में मुलाकात की और राज्यपाल टंडन को तीन पृष्ठों का एक पत्र सौंपा. कांग्रेस प्रवक्ता द्वारा मीडिया को जारी इस पत्र में कमलनाथ ने 16 मार्च से शुरु होने वाले बजट सत्र के दौरान शक्ति परीक्षण कराने की अपनी इच्छा व्यक्त की है.

कमलनाथ ने पत्र में तीन मार्च की रात और चार मार्च से 10 मार्च तक हो रहे राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए इस दौरान खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया. उन्होंने पत्र में इन परिस्थितियों को मद्देनजर लोकतंत्र को खतरे में बताया.

विधायकों के इस्तीफे पर कमलनाथ ने पत्र में कहा, भाजपा नेताओं द्वारा सौंपे गए कांग्रेस के इन विधायकों के त्यागपत्र की हम जांच कराये जाने की आपसे उम्मीद करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इन कांग्रेस नेताओं को कब्जे में रखा गया है और इनको जल्द मुक्त करने के लिए कार्रवाई हो.