भोपाल: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के एक आईएएस अधिकारी ( IAS Lokesh Kumar) ने शुक्रवार को यह दावा करते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकी (threat to life) दी है. इस आईएएस अधिकारी को एक सीनियर महिला अधिकारी के साथ उनकी बातचीत का ऑडियो क्लिप अपलोड करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.Also Read - MP के मंत्री सारंग बोले- नेहरू के 1947 के लाल किले के भाषण से शुरू हुई अर्थव्यवस्था की बदहाली

वर्ष 2014 बैच के आईएएस (2014 batch IAS) अधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भेजा ई-मेल में कहा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें गुरुवार रात को फोन किया और कहा कि उन्होंने बहुत शक्तिशाली लोगों पर आरोप लगाकर अपनी जान जोखिम में डाल दी है. Also Read - MP में 'फ्री फायर' के चलते दूसरी सुसाइड: ऑनलाइन गेम में 40 हजार गंवाने पर 13 साल के छात्र ने फांसी लगाई

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ईमेल मीडिया को लीक किया गया. उसके अनुसार अज्ञात फोन करने वाले ने आईएएस अधिकारी से यह भी कहा कि कुछ ”पाकिस्तानी” उनका उपयोग कर रहे हैं और यदि उन्हें अपनी और अपने बेटे की जान प्यारी है तो उन्हें (अधिकारी) मीडिया से बात बंद करके छह महीने की छुट्टी पर चले जाना चाहिए.

जांगिड़ द्वारा एक वरिष्ठ सहयोगी के साथ अपनी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग कथित तौर पर सोशल मीडिया पर साझा करने के बाद उन्हें दो दिन पहले द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. इस ऑडियो में जांगिड़ ने 31 मई को बड़वानी जिले के अतिरिक्त कलेक्टर के पद से भोपाल स्थित राज्य शिक्षा केंद्र के निदेशक के रूप में अपने तबादले पर बात की थी.

जांगिड़ के अनुसार पिछले 54 महीनों में यह उनका नौवां तबादला है. संपर्क करने पर जांगिड़ (35) ने इसकी पुष्टि की कि उन्होंने डीजीपी से अज्ञात नंबर से फोन पर धमकी मिलने शिकायत की है. उन्होंने बताया, ”मुझे अब पुलिस की साइबर अपराध शाखा के एक अधिकारी का फोन आया है जिसमें और जानकारी मांगी गई है. ”

जांगिड़ ने कहा कि उन्होंने अपने तबादले को लेकर अपनी और सामान्य प्रशासन विभाग की प्रधान सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी के बीच 30 सेकंड की बातचीत की क्लिप भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अपने चार सहयोगियों के साथ साझा की थी था और अपने सहयोगियों के साथ बातचीत में अपने तबादले को लेकर अप्रसन्नता व्यक्त की थी.

आईएएस जांगिड़ ने कहा कि 11 जून को उन्होंने प्रदेश सरकार से महाराष्ट्र में तीन साल के लिए अंतर काडर प्रतिनियुक्ति देने के लिए पत्र लिखा था, क्योंकि उनके 87 वर्षीय दादाजी मधुमेह और पार्किंसंस रोगों से पीड़ित हैं और वह अपनी विधवा मां की भी देखभाल करना चाहते हैं.