भोपाल: मध्यप्रदेश में सुर्खियों में रहे प्रतिबंधित संगठन (स्टूडेंट इस्लामिक मुवमेंट आफ इंडिया) सिमी के 8 सदस्यों के जेल से फरार होने के बाद एनकाउंटर को जांच आयोग ने उचित बताया है. जांच आयोग की रिपोर्ट से सवालों के घेरे में एमपी पुलिस और राज्य सरकार को क्लीनचिट मिल गई है. सिमी के 8 विचाराधीन कैदियों के भोपाल जेल को तोड़कर फरार होने और इसके बाद पुलिस मुठभेड़ में उनके मारे जाने की घटना की जांच कर रहे एक सदस्यीय जांच आयोग की रिपोर्ट में पुलिस द्वारा की गई मुठभेड़ को उस समय मौजूद परिस्थिति में सही ठहराई गई है.

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विधानसभा में पेश की रिपोर्ट

मध्यप्रदेश विधानसभा में मानूसन सत्र के पहले दिन प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग के राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य ने भोपाल जेल तोड़कर फरार होने के बाद सिमी के 8 विचाराधीन कैदियों की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत की घटना की जांच के लिए गठित जस्टिस एसके पांडे की अध्यक्षता वाले एक सदस्यीय जांच आयोग की रिपोर्ट सोमवार को सदन के पटल पर रखी.

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जांच आयोग ने मुठभेड़ पर दिया ये निष्कर्ष

जस्टिस पांडे ने इस मुठभेड़ में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर अपना निष्कर्ष दिया, ‘‘31 अक्टूबर 2016 को पुलिस द्वारा की गयी मुठभेड़ तत्समय विद्यमान परिस्थितियों में उचित थी. पुलिस की कार्रवाई आपराधिक दंड संहिता की धारा 41 एवं 46 (2), (3) के प्रावधान के अनुरूप थी. भागने में सफल हुए बंदियों की मृत्यु के परिणामस्वरूप बल का उपयोग अत्यंत अनिवार्य था और तत्समय विद्यमान परिस्थितियों में उचित था.”

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जेलों की सुरक्षा के लिए सुझाव भी दिए

आयोग ने इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इस संबंध में सुझाव दिया है कि शासन जेलों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु एक कमेटी का गठन करे, जो सुरक्षा मापदंडों की समीक्षा करें तथा प्रदेश के जेल अधिकारियों और कर्मचारियों को कारगर प्रशिक्षण के लिये पंजाब राज्य के समान एक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाए.

रिक्त पदों को भरें

आयोग ने अधिकारियों और कर्मचारियों के रिक्त पदों की पूर्ति के संबंध में भर्ती प्रक्रिया संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने की भी सिफारिश की. इसके साथ ही जेल विभाग को गृह विभाग का अंग बनाने की भी सिफारिश की गयी है ताकि दोनों विभागों में अच्छा सामंजस्य स्थापित हो सके.

ये है मामला

– प्रतिबंधित संगठन सिमी के 8 विचाराधीन कैदी 30 और 31 अक्टूबर 2016 की दरम्यानी रात भोपाल सेंट्रल जेल से एक सुरक्षाकर्मी की हत्या की थी

– जेल प्रहरी की हत्या के बाद सिमी के सदस्य जेल की दीवार फांद कर फरार हो गए थे

– इसके बाद पुलिस ने भोपाल के बाहरी इलाके में 31 अक्टूबर 2016 की सुबह 8 फरार कैदियों को एक मुठभेड़ में मार गिराया था

– इस घटना के एक सप्ताह के बाद प्रदेश सरकार ने पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सिमी सदस्यों के इस एनकाउंटर की जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश जस्टिस एसके पांडे के अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया था

(इनपुट-एजेंसी)