शिवपुरी: मध्यप्रदेश में एससी/एसटी एक्ट में संशोधन का विरोध जारी है और लगातार बढ़त ही जा रहा है. शुक्रवार को शिवपुरी में करणी सेना और सपाक्स के पदाधिकारियों ने कांग्रेस सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिधिया को काले झंडे दिखाते हुए एट्रोसिटी एक्ट का विरोध किया. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की भी हुई. जब सपाक्स पदाधिकारियों ने सिंधिया से पूछा कि आप सरकार में होते तो एट्रोसिटी एक्ट को लेकर क्या रुख रखते? इस पर अपनी प्रतिक्रिया में सिंधिया ने कहा, “पहले हमें सत्ता में लाओ फिर मैं इसका उत्तर दूंगा.” सिंधिया ज्ञापन लेने के बाद वहां से चले गए. वहीं दूसरी ओर कोलारस में भी सपाक्स से जुड़े नेताओं व पदाधिकारियों ने सिधिया को काले झंडे दिखाए. Also Read - MP में BJP सरकार बनने पर दिग्विजय सिंह ने लिखा खुला खत, ज्योतिरादित्य सिंधिया पर की लंबी बात

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सांसद सिंधिया मानस भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद जब वापस जा रहे थे तो करणी सेना व अन्य सवर्ण लोगों ने काले झंडे दिखाए. इससे पहले सवर्ण समाज व सपाक्स समर्थक पदाधिकारियों ने सांसद का घेराव कर एक ज्ञापन दिया. इस मौके पर सपाक्स कार्यकर्ताओं से बातचीत में सांसद सिधिया ने भरोसा दिलाया कि वह किसी भी वर्ग या जाति के व्यक्ति के खिलाफ अन्याय नहीं होने देंगे. Also Read - कांग्रेस सरकार गिरने पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा- जनता की जीत हुई, शिवराज बोले- सत्यमेव जयते

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सांसद सिंधिया ने केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की शिवराज सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार किसी की सुनती ही नहीं है. इस सरकार ने जनता से जो वादे किए, उन्हें पूरा नहीं किया. इसके अलावा सत्ता में बैठे लोगों की नीति ही समझ नहीं आती है.

बता दें कि गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार जल्द ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम के संबंध में निर्देश जारी करेगी ताकि इस कानून का प्रदेश में गलत इस्तेमाल न हो. मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा था कि एमपी में नहीं होगा एससी-एसटी ऐक्ट का दुरुपयोग, बिना जाँच के नहीं होगी गिरफ़्तारी.