इंदौर: एमपी में भ्रष्टाचार में करोड़ों की कमाई करने वालों में न केवल बड़े अफसरों का खुला होता रहा है, बल्कि कई छोटे सरकारी कर्मचारियों की भ्रष्टाचार से करोड़ों की कमाई के मामले सामने आए हैं. लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार को नगरीय निकाय के अतिक्रमण निरोधक दस्ते में शामिल कर्मचारी के ठिकानों पर छापेमारी के बाद चार करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की संपत्ति की जानकारी मिली है. 1800 हजार रुपए की वेतन वाले इस कर्मचारी के पास 22 लाख रुपए नकद और बड़ी संख्या में सोने-चांदी के जेवरात जब्त हुए हैं.

लोकायुक्त पुलिस के एसपी दिलीप सोनी ने बताया कि इंदौर नगर निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते में शामिल बेलदार (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) असलम खान के खिलाफ शिकायत मिली थी कि उसने भ्रष्ट तरीकों से बड़े पैमाने पर संपत्ति अर्जित की है. इस शिकायत पर शहर में उसके घर समेत पांच ठिकानों पर छापेमारी की गई.

22 लाख नकद, जेवरात, सोने के बिस्कुट, लग्जरी वाहन और तीन जिलों में संपत्तियां
लोकायुक्त पुलिस के एसपी सोनी ने बताया कि छापों में खान के अलग-अलग ठिकानों से लगभग 22 लाख रुपए की नकदी और बड़ी संख्या में सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं. सोने के 100-100 ग्राम के 11 बिस्किट भी मिले हैं. अधिकारी ने बताया कि खान की करीब 20 अचल संपत्तियों के बारे में पता चला है, जिनमें प्लाट और मकान शामिल हैं. ये संपत्तियां इंदौर, रतलाम और देवास जिलों में हैं. उसके पास दो लक्जरी चारपहिया गाड़ियां भी मिली हैं.

वेतन मात्र 18000 रुपए महीने
लोकायुक्त पुलिस के एसपी सोनी ने बताया कि खान साल 1998 में नगर निगम में महज 500 रुपए के मासिक वेतन पर भर्ती हुआ था. फिलहाल निगम से उसे हर महीने 18,000 रुपए का वेतन मिलता है. लेकिन लोकायुक्त पुलिस के छापों में उसके द्वारा बड़े पैमाने पर बेहिसाब संपत्ति बनाने के सबूत मिले हैं और इस मिल्कियत का मूल्य वैध जरियों से उसकी आय के मुकाबले कहीं ज्यादा है.

 10 से ज्यादा बैंक खातों की जानकारी मिली 
लोकायुक्त पुलिस के उपाधीक्षक (डीएसपी) प्रवीण सिंह बघेल ने बताया कि छापों में खान की चार करोड़ रुपए से ज्यादा की बेहिसाब संपत्ति की जानकारी मिली है. उन्होंने बताया कि खान के ठिकाने से सोने के 100-100 ग्राम के 11 बिस्किट भी मिले हैं. इसके अलावा, उसके और उसके परिवारवालों के 10 से ज्यादा बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनमें बड़ी रकम जमा होने का संदेह है. इन खातों को फ्रीज कराया जा रहा है. बघेल ने बताया कि विस्तृत जांच और मूल्यांकन के बाद सरकारी कर्मचारी की बेहिसाब संपत्ति का आंकड़ा बढ़ सकता है.