ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित सरकार दफ्तरों की इमारत मोती महल पहुंचे प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर गंदगी देखकर भड़क उठे और खुद ही टॉयलेट की सफाई में जुट गए. यह कोई पहला मौका नहीं है जब मंत्री तोमर सफाई का औजार खुद अपने हाथ में थामा हो. इससे पहले भी नाले की सफाई के लिए खुद फावड़ा लेकर नाले में उतर गए थे और इससे पहले झाडू लेकर पार्क की सफाई की थी. Also Read - सुशांत सिंह राजपूत मामले पर कांग्रेस ने दी नसीहत, तो भाजपा ने किया घेराव, दागे ये 7 सवाल

मंत्री तोमर शुक्रवार को मोती महल संभागायुक्त से चर्चा करने पहुंचे थे. वापस लौटते समय कार्यालय की कुछ महिला कर्मचारियों द्वारा मंत्री तोमर से शिकायत की गई कि कार्यालय में उनके लिए बनाए गए टॉयलेट की साफ-सफाई नियमित रूप से नहीं होती और शौचालय गंदे होने के कारण उन्हें काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है. Also Read - वक्त-वक्त की बात है: कभी विधानसभा चुनाव लड़ीं, अब BPL कार्ड के लिए तरस रहीं...

महिला कर्मचारियों की शिकायत सुनते ही मंत्री तोमर ने मोतीमहल परिसर स्थित शौचालयों की साफ सफाई व्यवस्था देखी तो शौचालय गंदे पाए गए, जिसको देखते ही उन्होंने आवश्यक सामग्री मंगावकर कर स्वयं ही शौचालयों की साफ सफाई करना प्रारंभ कर दिया. Also Read - अयोध्या में भूमि पूजन के दिन बंगाल में लॉकडाउन तृणमूल की हिंदू विरोधी मानसिकता दर्शाती है : राहुल सिन्हा

मंत्री तोमर ने कर्मचारियों से कहा कि शासकीय कार्यालय परिसर में शौचालयों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी को समझें तथा सभी शासकीय कार्यालयों के शौचालय साफ व स्वच्छ रहना चाहिए. इसके लिए अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग करें और शासकीय कार्यालयों के शौचालयों को नियमित रूप से साफ कराएं.

मंत्री तोमर ने इसके साथ ही निर्देश दिए कि इस परिसर में टॉयलेटों की साफ सफाई के लिए जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जाए.

मंत्री तोमर ने संयुक्त आयुक्त राजस्व आरपी भारती से कहा कि शासकीय कार्यालयों में महिलाओं के लिए उपलब्ध जन सुविधा के संसाधनों का विशेष ध्यान रखें तथा इस परिसर में शौचालयों की साफ सफाई के लिए जो भी जिम्मेदार है, उसके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करें.