भोपाल: एमपी के लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री रुस्तम सिंह यह कहकर विवादों में आ गए कि केवल कोई पत्नी ही बता सकती है कि उसका पति नपुंसक है या नहीं. उनके इस बयान को लेकर चारो ओर आलोचना हो रही है. राज्‍य के रीवा क्षेत्र में पुरुषों में बढ़ती नपुंसकता को लेकर मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में सिंह ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में कहा, ”हम कैसे बता सकते हैं कि कोई पुरुष नपुंसक है या नहीं. यह तो केवल पत्नी ही बता सकती है.” उन्होंने कहा कि कोई पुरुष कभी भी नहीं बताएगा कि वह नपुंसक है.Also Read - Anna Hazare said, We will begin our Satyagraha on 23 March on issues of farmers | पीएम से अब तक नहीं मिला जवाब, अन्ना हजारे ने किया जेल में सत्याग्रह करने का एलान

विधानसभा में उठा था मुद्दा
मंत्री से विधानसभा में सवाल पूछा गया था कि सरकार कैसे पता लगाएगी कि कोई पुरुष नपुंसक है या नहीं. सिंह ने कहा कि किसी व्यक्ति में शुक्राणु कम हो गए हैं, तो ये डॉक्टर बताएगा और अगर किसी व्यक्ति में नपुंसकता है, तो ये सिर्फ उसकी पत्नी ही बता सकती है. उन्होंने कहा कि सरकार के पास नपुंसकता रोकने के लिए कोई कार्ययोजना नहीं है. सिंह ने कहा, ”मुझे हैरानी है कि रीवा जिले के गुढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के कांग्रेस विधायक सुन्दरलाल तिवारी ये बात कैसे जानते हैं कि कौन सा व्यक्ति नपुंसक है और कौन नहीं.” Also Read - BCCI said, Start investigating match-fixing allegations against Mohammed Shami| मोहम्‍मद शमी- हसीन जहां विवाद: BCCI ने ACU से कहा, मैच फिक्सिंग के पाकिस्‍तानी कनेशक्‍शन की जांच शुरू करो

दरअसल, शुक्रवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक सुन्दरलाल तिवारी ने सवाल पूछा था कि क्या मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में पुरुषों में शुक्राणुओं की हो रही कमी एवं नपुंसकता की बढ़ रही संख्या के सुधार के बाबत कोई कार्य योजना तैयार की है. इसके अलावा, उन्होंने सवाल किया था कि क्या इन मरीजों के सत्यापन या चिन्हांकन के बाबत भी कार्यवाही की जा रही है. उन्होंने रीवा क्षेत्र के पुरुषों में नपुंसकता बढ़ने पर चिंता जाहिर की थी.
विधायक के सवाल पर दिया जवाब
इस पर सिंह ने कहा कि पुरुषों में शुक्राणुओं की हो रही कमी एवं नपुंसकता की बढ़ रही संख्या के सुधार के लिए प्रदेश सरकार की कोई कार्य योजना तैयार नहीं है. हालांकि, उन्होंने कहा कि महिला स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से नि:संतान दंपति का पता लगाया जाता है. रीवा संभाग के अंतर्गत 126 व्यक्ति चिन्हित किए गए हैं. सिंह ने कहा कि राज्य बीमारी सहायता निधि के अंतर्गत बीपीएल परिवार के निसंतानता के मामलों में उपचार के लिए राशि का प्रावधान किया गया है. Also Read - India can target CPEC says Pakistan | चीन-पाक आर्थिक कॉरिडोर को निशाना बना सकता है भारत: पाकिस्तान

कांग्रेस ने मांगा इस्‍तीफा
इसी बीच, मध्यप्रदेश कांग्रेस विचार विभाग के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा, ”ऐसा बयान देना एक मंत्री के लिए अशोभनीय है. यह असभ्यता एवं बदतमीजी है. मैं इसकी निंदा करता हूं. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ऐसे असभ्यता से बात करने वाले मंत्री को मंत्रिमंडल से तुरंत बाहर कर देना चाहिए.” उन्होंने बताया कि रुस्तम सिंह ने यह असभ्य बयान रीवा के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भी दिया है. (इनपुट – एजेंंसी)