By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.
- Hindi
- Madhya Pradesh
- Mp News Today 10 Meat Shops Razed By Bulldozers In Madhya Pradesh After Open Sale Ban
MP में नई सरकार बनते ही एक्शन शुरू, भोपाल में 3 आरोपियों के घर और उज्जैन में मीट की 10 दुकानों पर चला बुलडोजर
Madhya Pradesh News Today: सरकार गठने के बाद अपने पहले फैसले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुले में मांस की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया था.
Madhya Pradesh News: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद मोहन यादव (Mohan Yadav) एक्शन में आ गए हैं. नई सरकार के गठन के बाद भोपाल में 3 आरोपियों के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई है. वहीं, उज्जैन में खुले में चल रही मीट की 10 दुकानों पर बुलडोजर (Bulldozer) चलाया गया है. सरकार ने अपने पहले फैसले में खुले में मांस की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया था. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा अधिकारियों को खुले में मांस की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कहने के बाद उज्जैन में यह कार्रवाई की गई.
एक अधिकारी ने कहा कि दिन के दौरान उज्जैन के नागझिरी इलाके में दुकानें ध्वस्त कर दी गईं. उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के ऐसे प्रतिष्ठान चलाने वाले सभी लोगों को शटर बंद करने या कार्रवाई का सामना करने के लिए कहा गया है. एक स्थानीय अधिकारी ने कहा कि भोपाल में, फारुख राइन, बिलाल और असलम के घर ध्वस्त कर दिए गए. राइन भोपाल मध्य सीट के विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद भाजपा पदाधिकारी देवेन्द्र ठाकुर पर हमले से जुड़े मामले में मुख्य आरोपी है. भोपाल मध्य सीट कांग्रेस के आरिफ मसूद ने जीती है.
अधिकारी ने कहा कि राईन और कुछ अन्य लोगों ने कथित तौर पर तलवार से ठाकुर की हथेली काट दी. उनके अनुसार इस मामले में राइन को चार अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था और उन पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाया गया था. अधिकारी ने बताया कि उसके खिलाफ सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून सहित कुल 14 मामले हैं. उन्होंने बताया कि राईन का नाम भोपाल के हबीबगंज पुलिस स्टेशन की ‘गुंडा सूची’ में भी है. उन्होंने कहा कि राईन, बिलाल और असलम के घरों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया क्योंकि वे अवैध रूप से अतिक्रमित भूमि पर बनाए गए थे.
राज्य के 19वें सीएम हैं मोहन यादव
वह जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय और भाजपा के संस्थापक विचारक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रदेश भाजपा कार्यालय भी गए. अपनी प्राथमिकताओं के बारे में पूछे जाने पर, यादव ने कहा, ‘हम प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार (क्षेत्रों) और अन्य सभी क्षेत्रों में विकास पर ध्यान केंद्रित करेंगे.’ तीन बार के BJP विधायक यादव मध्य प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री हैं।
शिवराज युग का अंत
साल 2003 के बाद से मध्यप्रदेश में भाजपा के सभी तीन मुख्यमंत्री उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान अन्य पिछड़ा वर्ग से रहे हैं. साथ ही यादव भी ओबीसी वर्ग से आते हैं. मुख्यमंत्री के रूप में यादव की नियुक्ति से भाजपा के दिग्गज नेता और चार बार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के युग का भी अंत हो गया, जिन्होंने करीब दो दशकों तक राज्य की राजनीति पर दबदबा बनाए रखा. यादव मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में नहीं थे. उन्हें अहम पद की जिम्मेदारी देना आगामी लोकसभा चुनावों से पहले अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय पर पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा के एक कदम के रूप में देखा जा रहा है. मध्य प्रदेश की आबादी में ओबीसी की हिस्सेदारी 48 प्रतिशत से अधिक है.
(इनपुट: एजेंसी से भी)
Also Read:
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Madhya Pradesh की और अन्य ताजा-तरीन खबरें