नई दिल्‍ली/ भोपाल: मध्‍य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर गर्मा गई है. भोपाल की क्राइम ब्रांच ने पिछले दिनों मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ तथकथित एक फेक वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस के सीनियर नेता एवं पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. Also Read - VIDEO: सचिन पायलट खेमे का वीडियो हुआ जारी, एक साथ बैठे दिखे करीब 16 विधायक

बता दें कि इस वीडियो में चौहान शराब पीने को लेकर विवादित बयान कहते हुए नजर आ रहे हैं. रविवार को मध्य प्रदेश पुलिस ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के एक पुराने वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में रविवार को अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी. Also Read - Rajasthan Political Crisis: कांग्रेस विधायक दल की कल फिर होगी बैठक, सचिन पायलट को भेजा गया न्योता

वहीं, मध्य प्रदेश भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा इस कूटरचित वीडियो को ट्विटर पर डालकर मुख्यमंत्री चौहान की छवि धूमिल करने की कोशिश की गई है. भाजपा नेताओं ने भोपाल पुलिस की अपराध शाखा पहुंचकर इसकी शिकायत की थी और दिग्विजय सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.

भोपाल पुलिस के डीआईजी इरशाद वली ने रविवार को ट्वीट किया था, ‘सीएम शिवराज सिंह चौहान के पुराने वीडियो को संपादित कर छवि खराब करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले को गंभीरता से लिया गया है. मामले में साइबर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है.’

बीजेपी नेता व पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा नेताओं द्वारा भोपाल अपराध शाखा पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि चौहान ने 12 जनवरी 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ सरकार की आबकारी नीति के बारे में एक टिप्पणी की थी. लेकिन दिग्विजय सिंह ने चौहान की छवि धूमिल करने के लिए इस वीडियो में काट-छांट कर रविवार को अपने ट्विटर अकाउंट पर डाला है.