नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में चल रहे राजनीतिक संकट के हल के लिये प्रदेश की कमलनाथ सरकार को विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराने का निर्देश देने के अनुरोध के साथ राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को सुप्रीम में याचिका दायर की. Also Read - दिग्विजय सिंह अमर्यादित भाषा वाले आ रहे कॉल्‍स से हुए परेशान, बंद किया मोबाइल फोन

राज्य के पूर्व महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव ने यह जानकारी दी. राज्य में ताजा राजनीतिक घटनाक्रम के परिप्रेक्ष्य में यह याचिका दायर की गई है. कौरव ने बताया कि याचिका में कहा गया है कि प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री को 16 मार्च को सदन में शक्ति परीक्षण कराने का निर्देश दिया था, लेकिन इस निर्देश का कथित रूप से पालन नहीं किया गया है. Also Read - Coronavirus को लेकर राम गोपाल वर्मा ने किया भद्दा मज़ाक, यूजर्स बोले- थोड़ी तो शरम करो, पुलिस लेगी एक्शन

बता दें कि मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक राज्यपाल लालजी टंडन से राजभवन में  मिले और उनसे अनुरोध किया कि वे जल्द से जल्द फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दें. पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “सरकार ने बहुमत खो दिया है और उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है”.

बता दें क‍ि मध्यप्रदेश के 22 कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था, जिनमें से अधिकांश सिंधिया के कट्टर समर्थक हैं. शनिवार को अध्यक्ष ने छह विधायकों के त्यागपत्र मंजूर कर लिए, जबकि शेष 16 विधायकों के त्यागपत्र पर अध्यक्ष ने फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया है. इससे प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने के कगार पर पहुंच गई है.

बता दें कि सोमवार को मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने राज्य विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन को केवल एक मिनट ही संबोधित किया और फिर वहां से चले गए. सदन से जाने से पहले राज्यपाल ने विधायकों से संवैधानिक परम्पराओं का पालन करने, लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने और राज्य में मौजूदा स्थिति में शांतिपूर्वक कार्य करने का आग्रह किया.

इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही व्यापक जनहित में 26 मार्च तक स्थगित कर दी. इससे पहले सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के बाद विधायकों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए थे.

कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर कई विधायक अपने चेहरे पर मास्क लगाकर विधानसभा में पहुंचे. विधानसभा अध्यक्ष की घोषणा के अनुसार विधायकों को ये मास्क विधानसभा प्रबंधन द्वारा प्रदान किए गए थे.

बता दें कि कांग्रेस द्वारा उपेक्षा किये जाने से परेशान होकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पिछले हफ्ते मंगलवार को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और बुधवार को भाजपा में शामिल हो गए. साथ ही सिंधिया के कट्टर समर्थक 22 कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था,

व‍िधानसभा अध्‍यक्ष ने शनिवार को अध्यक्ष ने छह विधायकों के त्यागपत्र मंजूर कर लिए, जबकि शेष 16 विधायकों के त्यागपत्र पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया है. इससे प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने के कगार पर पहुंच गई है. जिनमें से अधिकांश  हैं.