भोपाल: फ्रांस में जारी कार्टून विवाद के आलोक में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के इकबाल मैदान में बृहस्पतिवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ किए गए प्रदर्शन पर राज्य सरकार ने सख्त रवैया अख्तियार किया है. प्रदर्शन करने वालों पर केस दर्ज कर लिया गया है. Also Read - वैक्सीनेशन को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, अधीर रंजन बोले- आम जनता के टीकाकरण के लिए कोई रोडमैप नहीं

फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों के खिलाफ भोपाल के मुस्लिम समुदाय ने राजधानी के इकबाल मैदान में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की अगुवाई में गुरुवार को प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे. Also Read - Hyderabad Nikay Chunav 2020: रुझानों में भाजपा को स्पष्ट बहुमत, ओवैसी और टीआरएस धराशायी

विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुये कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मांग की कि केंद्र सरकार फ्रांस में भारतीय राजदूत को वहां के शासन के ‘मुस्लिम विरोधी’ रुख के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए कहे. मसूद ने मैक्रों पर पैगंबर मोहम्मद के आक्रामक कार्टूनों का समर्थन करने और जानबूझकर मुस्लिमों की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है. Also Read - UP Vidhan Parishad Election: यूपी विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए चुनाव में 55.47% मतदान

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मांग की कि केंद्र सरकार फ्रांस के भारतीय राजदूत से उस देश के शासन के “मुस्लिम विरोधी” रुख के खिलाफ विरोध दर्ज करने के लिए कहे.

भोपाल में कांग्रेस विधायक आरिफ समूद ने अपने टि्वटर हैंडल पर प्रदर्शन के फोटो शेयर करते हुए लिखा है. ”#फ्रांस के राष्ट्रपति द्वारा पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बारे में अपशब्द कहे जाने को लेकर मेरे द्वारा इक़बाल मैदान में कार्यक्रम किया गया, जिसमें हज़ारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपना विरोध दर्ज कराया!”

इस प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश शांति का टापू है. इसकी शांति को भंग करने वालों से हम पूरी सख्ती से निपटेंगे. इस मामले में 188 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, वो चाहे कोई भी हो.

बता दें कि बता दें कि यह विवाद पेरिस के उपनगरीय इलाके में एक शिक्षक की हत्या के बाद शुरू हुआ, जिसने पैगंबर मोहम्मद के कार्टून अपने विद्यार्थियों को दिखाए. बाद में उसकी सिर काटकर हत्या कर दी गई. शिक्षक की हत्या के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से की गई विवादित टिप्पणी को लेकर मुस्लिम देशों के बीच फ्रांस के खिलाफ माहौल बनता जा रहा है.