भोपाल: फ्रांस में जारी कार्टून विवाद के आलोक में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के इकबाल मैदान में बृहस्पतिवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ किए गए प्रदर्शन पर राज्य सरकार ने सख्त रवैया अख्तियार किया है. प्रदर्शन करने वालों पर केस दर्ज कर लिया गया है.Also Read - उद्धव ठाकरे बोले- शिवसेना ने BJP के साथ रहकर 25 साल बर्बाद कर दिए, ये मैं अब भी मानता हूं

फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों के खिलाफ भोपाल के मुस्लिम समुदाय ने राजधानी के इकबाल मैदान में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की अगुवाई में गुरुवार को प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे. Also Read - UP Election: टिकट के लिए पति-पत्नी, बाप-बेटी तो कहीं भाई-भाई में टकराव, अमेठी राजघराने की दो रानियों में जंग

विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुये कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मांग की कि केंद्र सरकार फ्रांस में भारतीय राजदूत को वहां के शासन के ‘मुस्लिम विरोधी’ रुख के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए कहे. मसूद ने मैक्रों पर पैगंबर मोहम्मद के आक्रामक कार्टूनों का समर्थन करने और जानबूझकर मुस्लिमों की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है. Also Read - Uttarakhand Assembly Election 2022: कांग्रेस ने उत्तराखंड के लिए 53 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की, हरिश रावत का नाम नहीं शामिल

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मांग की कि केंद्र सरकार फ्रांस के भारतीय राजदूत से उस देश के शासन के “मुस्लिम विरोधी” रुख के खिलाफ विरोध दर्ज करने के लिए कहे.

भोपाल में कांग्रेस विधायक आरिफ समूद ने अपने टि्वटर हैंडल पर प्रदर्शन के फोटो शेयर करते हुए लिखा है. ”#फ्रांस के राष्ट्रपति द्वारा पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बारे में अपशब्द कहे जाने को लेकर मेरे द्वारा इक़बाल मैदान में कार्यक्रम किया गया, जिसमें हज़ारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपना विरोध दर्ज कराया!”

इस प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश शांति का टापू है. इसकी शांति को भंग करने वालों से हम पूरी सख्ती से निपटेंगे. इस मामले में 188 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, वो चाहे कोई भी हो.

बता दें कि बता दें कि यह विवाद पेरिस के उपनगरीय इलाके में एक शिक्षक की हत्या के बाद शुरू हुआ, जिसने पैगंबर मोहम्मद के कार्टून अपने विद्यार्थियों को दिखाए. बाद में उसकी सिर काटकर हत्या कर दी गई. शिक्षक की हत्या के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से की गई विवादित टिप्पणी को लेकर मुस्लिम देशों के बीच फ्रांस के खिलाफ माहौल बनता जा रहा है.