इंदौर. जर्जर मकान ढहाने गए इंदौर नगर निगम के दल के साथ दो दिन पहले हुए विवाद के दौरान स्थानीय भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने शहरी निकाय के जिस अफसर को बल्ले से पीटा था, उसे एक निजी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती कराया गया है. पलासिया क्षेत्र स्थित इस निजी अस्पताल के एक डॉक्टर ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की. इधर, मीडिया रिपोर्टों में मामले को लेकर भाजपा नेताओं का बयान ने देना भी चर्चा का विषय बना हुआ है. वहीं इंदौर शहर में शुक्रवार को आकाश विजयवर्गीय के समर्थन में ‘सैल्यूट आकाशजी’ लिखे पोस्टर कई जगह चिपकाने की खबरें भी आई हैं. इन पोस्टरों में भाजपा विधायक की तस्वीर के नीचे बड़े-बड़े अक्षरों में ‘सैल्यूट आकाशजी’ लिखा है. Also Read - भाजपा विधायक की जिस बेटी ने भागकर की थी शादी, अब बरेली में कराया रजिस्ट्रेशन

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इससे पहले पलासिया अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि नगर निगम के भवन निरीक्षक धीरेंद्र सिंह बायस (46) को गुरुवार देर शाम उच्च रक्तचाप की शिकायत पर आईसीयू में भर्ती किया गया. डॉक्टर ने बताया कि मरीज की हालत स्थिर बनी हुई है. आपको बता दें कि 34 वर्षीय आकाश भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं. आकाश नवंबर 2018 का विधानसभा चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने. शहर के गंजी कम्पाउंड क्षेत्र में एक जर्जर भवन ढहाने की मुहिम के दौरान बुधवार को बड़े विवाद के बाद भाजपा विधायक ने नगर निगम के भवन निरीक्षक को क्रिकेट के बल्ले से पीट दिया था. Also Read - भाजपा विधायक की बेटी ने दलित युवक से की शादी, अब पिता से है जान का खतरा

निगम अधिकारी के साथ मारपीट करने को लेकर आकाश विजयवर्गीय को स्थानीय अदालत ने जेल भेज दिया है. इस मामले में गिरफ्तारी के बाद आकाश को 7 जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. पिछले दो दिन में यहां की अलग-अलग अदालतें उनकी दो जमानत अर्जियां खारिज कर चुकी हैं. इस बीच इंदौर शहर में विभिन्न स्थानों पर आकाश के समर्थन में लगे पोस्टर से खलबली मच गई है. आपको बता दें कि आकाश विजयवर्गीय के हरकत की मध्यप्रदेश के विभिन्न दलों के अलावा देशभर में निंदा की जा रही है. वहीं, भाजपा के कई नेता इस मामले पर खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं.

(इनपुट – एजेंसी)