सिंहस्थ महाकुंभ 2016 शुरू हो चूका है। शिप्रा तट इस वक्त साधू संतो का लगा है बड़ा जमावड़ा। लाखो की संख्या में भक्त यहां पर दर्शन करने के लिए आ रहे हैं। इस महाकुंभ में कई अनोखी चीजें भी देखने के को मिल रही हैं। कहीं पर संतो की विशाल जटाए तो कोई तपती रेत में स्नान कर रहा है। लेकिन इन सब में एक बैल लोगो के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। और उसे देखने वाले कह रहे हैं यह नंदी का एक रूप है।

सिहंस्थ महाकुंभ में इस नंदी बैल को देखने के लिए हर दिन सैकड़ों की संख्या में लोग आ रहे हैं। इस बैल के माथे पर तीसरी आंख का निशान और सर पर तीन सिंग हैं जो की एक त्रिशूल के तरह है और उसे देखने लोग बड़ी आस्था के साथ नमन करते हैं। इस नंदी को बुंदेलखंड के छतरपुर से बलदेव महाराज लेकर आये हैं। बलदेव महाराज की माने तो यह नंदी उनके पास करीब दस साल से है और यह नंदी बड़ी ही शांत प्रिय है। यह भी पढ़ें : इस गांव में गाय ने बदल दी लोगो की जिंदगी 

बलदेव महाराज नंदी के बारे में कहते हैं की जब यह हुंकार भर्ती है तो उसमें ॐ सुनाई देता है। अपने नंदी का बखान करते हुए कहते हैं की यह एक बार जंगल में शेर से भीड़ गया था। इस शेर के हमले में नंदी घायल तो हो गया था लेकिन शेर को मैदान छोड़ के भागना पड़ा था। कुंभ के दौरान सैकड़ो की संख्या में लोग इस इस नंदी के कान में अपनी मुराद के बारे में कहते हैं और मानते हैं की नंदी भगवान शिव के करीब हैं तो उनकी मुराद पूरी कर देंगे। ( फोटो क्रेडिट – न्यूज़ 24 )