
Rishabh Kumar
ऋषभ कुमार पाण्डेय डिजिटल मीडिया और न्यूज इंडस्ट्री में एक साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं. वे मई 2024 से Zee Media समूह के साथ जुड़े हैं. यहां ... और पढ़ें
MP CM Mohan Yadav: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 15 अप्रैल को महिलाओं के लिए खास कार्यक्रम आयोजित किया गया. रवींद्र भवन में हुए “नारी शक्ति वंदन सम्मेलन” में अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाएं शामिल हुईं. यहां सभी ने महिला सशक्तिकरण पर खुलकर बात की. कार्यक्रम में महिलाओं ने कहा कि देश तेजी से बदल रहा है और इसमें महिलाओं की भूमिका भी बढ़ रही है. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिलाओं को और ज्यादा मौके मिलेंगे. इस सम्मेलन ने महिलाओं को आगे बढ़ने और अपनी आवाज मजबूत करने का मंच दिया.
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मोहन यादव ने की. उन्होंने पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित भी किया. इसमें भोपाल की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा के साथ पन्ना की प्रतिभा सिंह सोलंकी शामिल रहीं. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश में कई बड़े फैसले लिए जा रहे हैं, जिनसे समाज मजबूत हो रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि जब महिलाओं को सही मौका मिलता है, तो वे हर क्षेत्र में बेहतर काम करती हैं. इसलिए उन्हें आगे लाना बहुत जरूरी है.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर की बहन सुमित्रा महाजन लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष रहीं. उन्हें पद्म पुरस्कार दिया गया है. ग्वालियर अंचल से राजमाता विजया राजे सिंधिया ने तत्कालीन सरकार को छोड़ा और प्रदेश में पहली संवित सरकार बनाई थी. विनम्रता की प्रतिमूर्ति राजमाता ने कभी कोई पद नहीं लिया और जनता पार्टी में जनता के लिए कार्य करती रहीं. उन्होंने कहा कि आज देश के राष्ट्रपति का पद द्रोपदी मुर्मू संभाल रही हैं. प्रदेश के नगरीय निकायों में बहनों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है. हम देश को मातृ सत्ता से जोड़ते हैं. जब देश की विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का विषय आएगा तो पूर्व विदेश मंत्री स्व. सुषमा स्वराज का भी स्मरण करना होगा. प्रधानमंत्री मोदी ने हर क्षेत्र में देश को सशक्त किया है. कल 16 अप्रैल महिला सशक्तिकरण की मंगलमयी तारीख होगी. देश में होली-दीवाली एक साथ मनेगी.
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि यह कानून महिलाओं के लिए नए मौके लेकर आएगा. इससे उन्हें नेतृत्व करने का मौका मिलेगा और वे देश के फैसलों में अपनी भागीदारी बढ़ा सकेंगी. कुल मिलाकर यह सम्मेलन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक सोच को आगे बढ़ाने की कोशिश थी. इसका मकसद महिलाओं को जागरूक करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था. आने वाले समय में इसका असर राजनीति और समाज दोनों में देखने को मिल सकता है.
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