नई दिल्ली: प्रधानमंत्री कार्यालय ने मध्य प्रदेश में ई-निविदा के जरिए बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे कांग्रेस नेता अजय सिंह के पत्र पर की गई कार्रवाई की जानकारी देने से मना कर दिया.

पीएमओ ने इसके लिए आरटीआई कानून के उस प्रावधान का हवाला दिया, जो तीसरे पक्ष की जानकारी देने से रोकता है. मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने जुलाई में मोदी को पत्र लिखकर मध्य प्रदेश में ई-निविदा में घोटाले का आरोप लगाते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराने का आग्रह किया था.

भ्रष्टाचार निरोधी कार्यकर्ता अजय दुबे ने कांग्रेस नेता के पत्र पर की गयी कार्रवाई के बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय से जानकारी मांगी थी. कार्यकर्ता द्वारा दायर एक आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि आपके द्वारा मांगी गयी जानकारी आरटीआई अधिनियम की धारा 11 के तहत आती है. पीएमओ ने कहा है कि अधिनियम की धारा 11 में उल्लिखित प्रक्रिया के पालन के बाद ही जवाब उपलब्ध कराया जाएगा.