नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के प्रशासन ने गौ हत्या के मामले में तीन आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की है. गौ वंश की हत्या से साम्प्रदायिक सद्भाव बिगड़ने की आशंका थी. राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद गौ हत्या पर रासुका की यह पहली कार्रवाई है. पुलिस अधीक्षक सिद्घार्थ बहुगुणा ने मंगलवार को बताया, मोघट थाने के खरखाली गांव में गौ हत्या के मामले में दो आरोपियों को शुक्रवार को पकड़ा गया था, वहीं तीसरा आरोपी सोमवार को पकड़ा गया. तीनों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी से सिफारिश की गई, जिसे जिलाधिकारी ने मंजूरी दे दी.

उन्होंने कहा कि राजू उर्फ नदीम आदतन अपराधी है और पूर्व में भी गौ हत्या के मामले में पकड़ा जा चुका है. इसके अलावा नदीम का भाई शकील और आजम पर भी रासुका की कार्रवाई की गई है. बहुगुणा ने कहा, नदीम आदतन अपराधी है और कई अन्य वारदातों को अंजाम दे चुका है. यह सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाका है और इस तरह की घटना सांप्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ सकती है. लिहाजा रासुका की कार्रवाई की गई है.

वहीं कांग्रेस सरकार की इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध शुरू हो गया है. सीपीआई सांसद डी राजा ने कहा कि बीजेपी के खिलाफ लड़ना एक अलग बात है लेकिन गौ हत्या के आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करना कहां तक जायत है. आखिर कांग्रेस सरकार इसे किस तरह न्यायोचित ठहराएगी. राहुल गांधी को सफाई देनी चाहिए कि कांग्रेस की राज्य सरकारें क्या कर रही हैं.