ग्वालियर: मध्य प्रदेश में ग्वालियर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जयारोग्य चिकित्सालय के ट्रॉमा सेंटर में कथित तौर पर बिजली गुल होने से ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे तीन मरीजों की मौत हो गई. वहीं प्रबंधन बिजली आपूर्ति में किसी भी तरह की गड़बड़ी अथवा अवरोध नहीं होने की बात कह रहा है.

पीड़ित परिवारों का आरोप है, “मंगलवार की दोपहर को अचानक बिजली गुल हुई, इसके चलते ट्रॉमा सेंटर के वेंटिलेटर बंद हो गए, मॉनीटर पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा था. इतना ही नहीं मरीजों की सांस भी उखड़ने लगी. लगभग 20 मिनट बाद वेंटिलेटर व मॉनीटर चालू हुए.”

परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने इसकी शिकायत चिकित्सकों से की तो उनका जवाब था कि मरीजों की हालत गंभीर है, लिहाजा शांत रहें. इस पर सभी शांत हो गए, मगर देर शाम तीन मरीजों महेंद्र जाटव (38), ओमप्रकाश धाकड़ (40) और राजेश (14) को मृत घोषित कर दिया गया.

इस घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह तोमर मौके पर पहुंचे और विरोध दर्ज कराते हुए धरने पर बैठ गए. वहीं परिजनों ने हंगामा भी किया. जयारोग्य चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. जे. एस. सिकरवार ने पत्रकारों से कहा, “मंगलवार को ट्रॉमा सेंटर की बिजली गुल नहीं हुई, दो मॉनीटरों की स्क्रीन जरूर बंद हुई थी. मरीजों की हालत गंभीर थी, वे ब्रेन डेड थे, ऐसे मरीजों को बचाना मुश्किल होता है.”

कुछ महीने पहले ही इंदौर के सबसे प्रतिष्ठित एम वाय अस्‍पताल में भी इसी तरह की घटना हुई थी. अचानक ऑक्‍सीजन की सप्‍लाई रुकने से कई बच्‍चों की मौत हो गई थी.