राजगढ़: मध्य प्रदेश में एक शर्मसार कर देने वाला वाकया सामने आया है. राजगढ़ जिले में एक युवती पहले तो गैंगरेप का शिकार हुई और अब उसके परिवार पर शुद्धिकरण के लिए मांसाहारी भंडारा कराने का पंचायत ने फरमान जारी किया है. दरअसल, गैंगरेप के बाद गांव के लोगों ने पीडि़ता के परिवार से सामाजिक व्‍यवहार करना बंद कर दिया है. आर्थिक हालत ठीक होने के कारण पीड़ित परिवार भंडारा नहीं करा पा रहा है. भंडारा न कराने के कारण गांव में होने वाले किसी भी आयोजन में संबंधित परिवार को आमंत्रित नहीं किया जा रहा और पीड़ित परिवार के यहां आयोजित कार्यक्रम में भी गांव का कोई नहीं आता है. भंडारा के जरिए पवित्रीकरण के पीछे ये कहा जा रहा कि युवती के साथ छोटी जाति के युवकों ने गैंगरेप किया है.

राजगढ़ के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने गुरुवार को बताया, “पीड़ित युवती ने पुलिस से बुधवार को शिकायत की और बताया कि समाज ने भंडारा कराने का फरमान सुनाया है. युवती की शिकायत पर गुरुवार को महिला बाल विकास विभाग और पुलिस बल का एक संयुक्त जांच दल गांव भेजा गया. यह दल जांच कर रहा है, शिकायत सही पाई जाती है, तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.”

शर्मा के अनुसार, “सियाराम नामक युवक ने युवती के साथ इसी साल सात जनवरी को दुष्कर्म किया था. पीड़िता की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. उसे पिछले दिनों ही हाईकोर्ट ने पैरोल दिया है.”

युवती की शिकायत के अनुसार, गांव के लोगों ने उसके परिवार से नाता रखना बंद कर दिया है, आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण पीड़ित परिवार भंडारा नहीं करा पा रहा है. भंडारा न कराने के कारण गांव में होने वाले किसी भी आयोजन में संबंधित परिवार को आमंत्रित नहीं किया जा रहा और पीड़ित परिवार के यहां आयोजित कार्यक्रम में भी गांव का कोई नहीं आता है.

पुलिस ने बताया कि नरसिंहगढ़ थाना क्षेत्र के डूंगरपुरा गांव में पिछले दिनों समाज के लोगों ने एक पंचायत का आयोजन कर जनवरी माह में दुष्कर्म का शिकार बनी युवती के परिजनों को मांसाहारी भंडारा करने का फरमान सुनाया. इस फैसले पर समाज के पंच और अन्य प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं. समाज का कहना है कि युवती के साथ छोटी जाति के युवक ने रेप किया था, इसलिए युवती और उसके परिवार के शुद्धिकरण के लिए भंडारा कराना आवश्यक है.