Police commissioner system  in MP`s Bhopal, Indore : मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दो बड़े शहरों भोपाल (Bhopal) और इंदौर (Indore) में पुलिस कमिश्‍नर सिस्‍टम (Police Commissioner System) आज गुरुवार की शाम से लागू कर दिया गया है. यह जानकारी मध्‍य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ने दी दी है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस कमिश्‍नर सिस्‍टम में शहर में कानून व्‍यवस्‍था की जिम्‍मेदारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) स्तर के अधिकारी को दी जाएगी और वह पुलिस कमिश्‍नर के रूप में कार्य करेंगे.Also Read - Madhya Pradesh Weather Update: मध्य प्रदेश में भयंकर शीतलहर की चेतावनी, कई जिलों के लिए अलर्ट जारी

मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्‍नर प्रणाली को लागू करने के लिए मंजूरी दी इसके बाद इसे से लागू होने की आधिकारिक घोषणा गृह मंत्री के द्ववारा की  गई. इनमें पुलिस को कई बड़े अधिकार मिल गए हैं, जिनमें अपराधियों को जिला बदर की कार्रवाई का अधिकार भी शामिल है. Also Read - Omicron variant new strain: इंदौर में ओमीक्रोन वैरियंट के नए स्ट्रेन BA.2 के कई मामल मिले, 6 बच्चे भी आए चपेट में

मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए प्रदेश के दो महानगरों भोपाल और इंदौर में 9 दिसंबर से‌ पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू हो गई है. मिश्रा ने भोपाल में पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा, भोपाल एवं इंदौर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने के लिए आज नौ दिसंबर को अधिसूचना जारी कर दिया गया है. आज से ही दोनों शहरों में‌ पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू हो गई है. मिश्रा ने बताया कि इसके सार्थक परिणाम आएंगे. मिश्रा ने बताया कि आज का दिन मध्यप्रदेश पुलिस के लिए ऐतिहासिक दिन है. Also Read - Delhi, Mumbai में घटी कोरोना की रफ्तार, कर्नाटक में बड़ी संख्‍या में आए केस, देखें अपने राज्य का अपडेट

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बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले महीन 21 नवंबर को भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने की घोषणा की थी. इसके पुलिस मुख्यालय ने राज्य शासन को ड्राफ्ट तैयार करके भेजा था. दरअसल बीते 40 साल में मध्‍य प्रदेश में कई बार पुलिस कमिश्‍नर प्रणाली लागू करने की कोशिश की गई थी. एमपी के बड़े शहरों में पहली बार 1981 में इस सिस्टम को लागू करने के प्रयास किए गए थे.

भोपाल में पुलिस कमिश्‍नर सिस्‍टम, ये पद होंगे
– पुलिस आयुक्‍त- 1 पद (एडीजी रैंक)
– एसीपी- (डीआईजी) : 2 (डीआईजी)
– पुलिस उपायुक्‍त: 8 (एसपी रैंक)
– अतिरिक्‍त पुलिस आयुक्‍त:10 (एएसपी)
– सहायक पुलिस आयुक्‍त:33 (डीएसपी रैंक )

इंदौर में पुलिस कमिश्‍नर सिस्‍टम, ये पद होंगे
– पुलिस आयुक्‍त: 1 पद (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) रैंक)
– एसीपी: 2 पद, (डीआईजी रैंक)
– पुलिस उपायुक्‍त: 8 पद, (एसपी रैंक) – अतिरिक्‍त पुलिस आयुक्‍त:12 पद, (एएसपी रैंक)
– सहायक पुलिस आयुक्‍त: 30 पद, (डीएसपी रैंक)

पुलिस कमिश्‍नर प्रणाली में पुलिस को मिले बड़े अधिकार
भोपाल और इंदौर में कमिश्नर प्रणाली (Police Commissioner System) लागू होने के बाद से अब पुलिस के पास अधिक अधिकार होंगे. गृह विभाग ने आईपीसी की धारा 107, 116, 144,133 के अधिकार मिल जाएंगे. पुलिस पुलिस एक्ट, अनैतिक देह व्यापार, राज्य सुरक्षा, अपहरण आदि मामलों में कार्रवाई के अधिकार है. पुलिस को दिए गए अधिकारों में मोटर व्हीकल एक्‍ट, राज्य सुरक्षा अधिनियम, शासकीय गोपनीयता आदि भी शामिल हैं. नई पुलिस कमिश्‍नर प्रणाली से प्रतिबंधात्‍मक धारों में अरेस्‍ट अक्‍यूज्‍ड की बेल पुलिस कोर्ट से होगी. पुलिस के पास अपराधियों को जिला बदल करने के अधिकार भी पुलिस को मिल गए हैं.

क्राइम ब्रांच, ट्रैफिक सिस्टम
भोपाल-इंदौर में पुलिस की क्राइम ब्रांच होगी अपराधिक मामलों की जांच करेंगी, और ट्रैफिक ब्रांच शहर की यातायात व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगी, जिसका नियंत्रण ट्रैफिक डीसीपी के पास रहेगा.

इंदौर-भोपाल में कमिश्नर प्रणाली लागू, ADG स्तर के होंगे अधिकारी होंगे कमिश्नर
भोपाल: मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल में कमिश्नर प्रणाली लागू हो गई है. इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. यह जानकारी गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दी है. पुलिस कमिश्नर सिस्टम के लिए नोटिफिकेशन सीएम के पास भेजा गया था. जि‍से उन्‍हाेंने मंजूरी  प्रदान कर दी.

आज का दिन मध्यप्रदेश पुलिस के लिए ऐतिहासिक दिन
मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए प्रदेश के दो महानगरों भोपाल और इंदौर में 9 दिसंबर से‌ पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू हो गई है. मिश्रा ने भोपाल में पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा, भोपाल एवं इंदौर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने के लिए आज नौ दिसंबर को अधिसूचना जारी कर दिया गया है. आज से ही दोनों शहरों में‌ पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू हो गई है. मिश्रा ने बताया कि इसके सार्थक परिणाम आएंगे. मिश्रा ने बताया कि आज का दिन मध्यप्रदेश पुलिस के लिए ऐतिहासिक दिन है.

पुलिस आयुक्त को कई अधिकार दिए गए
गृहमंत्री मिश्रा ने कहा कि इस प्रणाली में पुलिस आयुक्त सर्वोच्च होंगे. उन्होंने कहा कि इस प्रणाली में पुलिस आयुक्त को पुलिस एक्ट, बंदी अधिनियम, अनैतिक व्यापार
अधिनियम, मोटरयान अधिनियम, मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम एवं शासकीय गुप्त बात अधिनियम सहित अन्य अधिनियमों में कई अधिकार दिये गए हैं.

नए पुलिस आयुक्त इसी हफ्ते नियुक्‍त होंगे
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से जब सवाल किया गया कि नए पुलिस आयुक्त कब तक नियुक्त हो जाएंगे, तो इस पर उन्होंने कहा, इसी हफ्ते में सब हो जाएगा. पूरा सिस्टम है. उनकोमजिस्ट्रेट के पावर हैं. उन्होंने कहा कि भोपाल एवं इंदौर के केवल शहरी इलाकों में यह प्रणाली रहेगी. पुलिस आयुक्त प्रणाली के तहत भोपाल के 38 पुलिस थाना क्षेत्र और इंदौर के 36 पुलिस थाना क्षेत्र शामिल किए गए हैं.

यह प्रणाली इन दोनों महानगरों के ग्रामीण इलाकों में लागू नहीं होगी
गृहमंत्री मिश्रा ने बताया कि यह प्रणाली इन दोनों महानगरों के ग्रामीण इलाकों में लागू नहीं होगी. इसलिए भोपाल एवं इंदौर में एक-एक ग्रामीण पुलिस अधीक्षक रहेगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के अनुरूप भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने का फैसला लिया गया है.

मुख्यमंत्री द्वारा लगातार पुलिस में सुधार एवं उनका मनोबल बढ़ा रहे 
मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा लगातार पुलिस में सुधार एवं उनका मनोबल बढ़ाने की प्रक्रिया पिछले दो साल से हम सतत देख रहे हैं. उन्होंने (चौहान) पुलिस की छवि को भी बदला है और पुलिस केप्रति लोगों की राय को भी बदला है. गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि आम जनता को कानून के प्रति विश्वास और कानून का आम जनता के प्रति सुरक्षा का उदाहरण मध्यप्रदेशलगातार पेश कर रहा है.

पीएम मोदी के डीजीपी मीट के संबोधन के बाद कदम उठाया गया
बता दें कि दोनों शहरों में पिछले 40 साल से पुलिस आयुक्त प्रणाली शुरू करने की कवायद चल रही थी, लेकिन अब तक लागू नहीं हो पाई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा
पिछले महीने 20 नवंबर को लखनऊ में पुलिस आयुक्त प्रणाली की महिमा करने के बाद भोपाल एवं इंदौर में इस प्रणाली को लागू किया गया है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चौहान 13 दिसंबर को वाराणसी में मोदी द्वारा संबोधित की जाने वाली भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में शामिल होने वाले हैं. अन्य मुख्यमंत्रियों की तरह चौहान अपने द्वारा किए गए नवाचार और विकास कार्यों को इस बैठक में रखने जा रहे हैं. संभावना है कि वह इसमें भोपाल एवं इंदौर में शुरू की गई पुलिस आयुक्त प्रणाली के अपने द्वारा किए गए कार्य को भी रखेंगे.