इंदौर: मध्यप्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस ने सत्‍ता पाई है तो छुटभैय्ये नेताओं से लेकर ऊपर के नेताओं पर भी सत्‍ता का नशा चढ़कर बोल रहा है. सत्तारूढ़ कांग्रेस के एक पदाधिकारी के साथ बीच सड़क पर तीखी बहस करने वाले यातायात पुलिस अफसर को यहां अपनी तरह के संभवत: पहले अनुशासनात्मक कदम के तहत बुधवार को तनाव प्रबंधन के प्रशिक्षण पर भेज दिया गया है. दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हुए, इस घटना के वीडियो में गुस्से से भरा पुलिस अफसर यह कहते हुए सुनाई पड़ रहा है कि भले ही उसे राज्य के गृह मंत्री बाला बच्चन का नाम लेकर धमकाया जाये, लेकिन वह यातायात नियम तोड़ने वाले लोगों का चालान काटकर रहेगा. इसके बाद इस पुलिसकर्मी को तनाव प्रबंधन की ट्रेनिंग के लिए भेज दिया गया है. Also Read - Corona Guidelines for Navratri and Ramadan 2021: यूपी, बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक, जानिए इन 6 राज्यों में नवरात्र और रमजान को लेकर क्या हैं नियम?

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रुचि वर्धन मिश्रा ने बताया, “हमने यातायात पुलिस के सूबेदार अरुण सिंह को एक सप्ताह के प्रशिक्षण के लिये भेजा है. यह प्रशिक्षण पुलिस के एक स्थानीय संस्थान में दिया जाएगा, जिसमें उन्हें तनाव प्रबंधन और पेशेवर दक्षता का पाठ पढ़ाया जाएगा.” Also Read - Covid in MP Update: MP के सीएम ने की जनता से अपील, लॉकडाउन की बजाय, मास्‍क से चेहरा और पैर लॉक हो जाएं

एसएसपी ने कहा, “कई बार पुलिसकर्मियों को किसी पारिवारिक परेशानी या अन्य कारणों के चलते ड्यूटी पर तनाव का सामना करना पड़ता है. मुझे उम्मीद है कि हफ्ते भर के प्रशिक्षण के बाद यातायात पुलिस के सूबेदार को थोड़ी राहत मिलेगी. सभी पुलिस कर्मियों के लिए यह सीखना जरूरी है कि तनावपूर्ण स्थिति में उन्हें अपने फर्ज को किस तरह अंजाम देना है.” महिला अधिकारी ने यह भी कहा कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने के मामले कोई समझौता नहीं किया जाएगा. Also Read - Lockdown in MP: मध्‍य प्रदेश में लॉकडाउन की फोटोज, आंकड़े दे रहे बड़ी चेतावनी

सूत्रों के मुताबिक, यातायात पुलिस के सूबेदार ने भीड़ भरे राजबाड़ा क्षेत्र में मंगलवार की शाम को एक व्यक्ति को दोपहिया गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल पर बात करते पकड़ा था. इस व्यक्ति ने अपने परिचित प्रदेश कांग्रेस सचिव अखिलेश जैन “गोपी” को बुला लिया था. मौके पर जैन और यातायात पुलिस अफसर के बीच तीखी बहस हुई थी.

इस घटना के वायरल हुए वीडियो में यातायात पुलिस अफसर यह कहते सुनाई पड़ रहे हैं, “मैं सूबेदार अरुण सिंह, थाना यातायात, पश्चिम. मैं बोल रहा हूं कि मैं किसी की बात नहीं मानूंगा. अगर चालानी कार्रवाई में कोई व्यक्ति (यातायात नियमों के पालन में) गलती करता पकड़ा गया, तो मैं उसका बिल्कुल चालान काटूंगा. फिर चाहे आप बाला बच्चन (गृह मंत्री) या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर मुझे धमकी दें.”

वहीं, जैन ने आरोप लगाया कि यातायात पुलिस के सूबेदार उनके परिचित से 1,000 रुपए की “उगाही” कर रहे थे. लेकिन वह उसे चालान के रूप में केवल 500 रुपए की रसीद ही दे रहे थे. प्रदेश कांग्रेस सचिव ने कहा, “मैंने यातायात पुलिस अफसर को किसी तरह की राजनीतिक धौंस नहीं दी.”