रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम Ratlam जिले में एक शासकीय स्कूल में एक संस्था द्वारा विद्यार्थियों को हिंदू विचारक वीर सावरकर Veer Savarkar की तस्वीर वाली कॉपियों के वितरण पर प्राचार्य Principal को निलंबित suspend करने के बाद कांग्रेस शासित राज्य में सत्तापक्ष और विपक्षी बीजेपी के बीच विवाद छिड़ गया है. प्रदेश भाजपा ने प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई पर आपत्ति व्यक्त की है. Also Read - Who Is Paayel Sarkar: कौन हैं पायल सरकार? जिन्होंन आज थाम लिया भाजपा का दामन

प्राचार्य के निलंबन पर प्रदेश भाजपा ने कहा कि कमलनाथ सरकार सावरकर के खिलाफ अपनी नफरत में पूरी तरह अंधी हो चुकी है तो कांग्रेस ने कि सावरकर ने देश हित में क्या किया जो उनका साहित्य स्कूलों में वितरित किया जाए. सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य को वीर सावरकर की फोटो वाली नोटबंदी के बाद निलंबित करने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी District Education Officer ने कहा, “उन्हें निलंबित कर दिया गया क्योंकि उन्होंने वितरण को मंजूरी देने से पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति नहीं ली थी” Also Read - West Bengal: BJP अध्‍यक्ष JP Nadda ने लॉन्‍च किया 'सोनार बांग्‍ला' अभियान, एक्‍ट्रेस Payel Sarkar ने ज्‍वाइन की भाजपा

जिला शिक्षा अधिकारी केसी शर्मा ने बुधवार को कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर संभागायुक्त ने मालवासा के सरकारी स्कूल के प्राचार्य आर एन केरावत को निलंबित कर दिया है. शर्मा ने कहा कि सामाजिक संगठन ‘वीर सावरकर मंच’ ने गत चार नवंबर को स्कूल में विद्यार्थियों को मुफ्त में कॉपियां वितरित की थीं. इन कॉपियों के मुख्य पृष्ट पर वीर सावरकर की तस्वीर लगी थी. Also Read - Lokkho Sonar Bangla Campaign LIVE: WB Election में BJP ने झोंकी पूरी ताकत, JP Nadda ने लॉन्च किया सोनार बांग्ला

प्रदेश भाजपा ने प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई पर आपत्ति व्यक्त की है. भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्याक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस समाचार की क्लिपिंग के साथ बुधवार को ट्वीट किया, ”राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित और शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले प्राचार्य को निलंबित करने का समाचार सुनकर मन विचलित है. यह बेहद दुखद और निंदनीय भी है. इस ओछी राजनीति की मैं कड़ी निंदा करता हूं और तत्काल प्राचार्य को बहाल करने की मांग करता हूं.”

इस संबंध में एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ”कमलनाथ जी, आपको वीर सावरकर से इतनी घृणा है कि आपको उसने पूरी तरह से अंधा बना दिया है. कांग्रेसी सोच के कारण ही आप अपने ही देश की महान विभूतियों का अपमान कर रहे हैं. आपके इस कृत्य से प्रदेश शर्मसार हुआ है.” वहीं, दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि इस कार्रवाई में कुछ भी राजनीतिक नहीं है.

कांग्रेस नेता नरेंद्र सलूजा ने कहा, ”मालवासा के हाई स्कूल के प्राचार्य के निलंबन का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है लेकिन यह अनुशासन और सरकारी नियमों का मामला है.” उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि क्या बिना पूर्व अनुमति के सावरकर की तस्वीर वाली कॉपियां वितरित करना सही था. उन्होंने सवाल किया, आखिर सावरकर ने देश हित में क्या किया, जो उनका साहित्य स्कूलों में वितरित किया जाए.”