भोपाल: केंद्र सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में भारत बंद का एपमी में व्यापक असर देखने को मिला है. अधिकांश जिलों में बाजार पूरी तरह से बंद हैं और लोग सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराते रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा लाये गए अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) कानून में संशोधन को लेकर सवर्ण और पिछड़ वर्ग के संगठनों द्वारा बुलाए एक दिवसीय भारत बंद का गुरुवार को व्यापक असर देखने को मिला, लेकिन लगभग ये बंद शांतिपूर्ण रहा है. अब तक प्रदेश के किसी भी हिस्से से कोई अप्रिय घटना की रिपोर्ट नहीं मिली है.Also Read - Madhya Pradesh: सूदखोर महिलाओं से परेशान होकर परिवार के 5 लोगों ने खाया ज़हर, 4 की मौत

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मध्यप्रदेश सरकार ने बंद के मद्देनजर प्रदेश के अधिकांश जिलों में एहतियाती तौर पर धारा 144 लगा दी गई है और समूचे प्रदेश में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं. वहीं, भिंड, शिवपुरी एवं ग्वालियर सहित कुछ अन्य जिलों में स्थानीय प्रशासन ने एहतियाती तौर पर आज स्कूलों की छुट्टी करने की घोषणा कर दी है.

‘भारत बंद’ के मद्देनजर मध्यप्रदेश के सभी पेट्रोल पम्प मालिकों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे है.

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– छिंदवाड़ा, कटनी, विदिशा, सीहोर, देवास, इंदौर, ग्वालियर, झाबुआ, छतरपुर, मंदसौर, सागर, उज्जैन एवं अन्य शहरों से मिली रिपोर्ट के अनुसार बंद का असर तकरीबन समूचे मध्यप्रदेश में है.

– छिंदवाड़ा से मिली रिपोर्ट के अनुसार भारत बंद के समर्थन में छिंदवाड़ा शहर के बाजार बंद हैं.

– विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, छतरपुर, शिवपुरी, भिंड, अशोकनगर, गुना, ग्वालियर, कटनी आदि स्थानों पर निषेधाज्ञा (धारा144) लागू है.

मध्यप्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (इंटेलीजेंस) मकरंद देउस्कर ने बताया, ”बंद के आह्वान को देखते हुए अधिकांश जिलों में प्रशासन द्वारा एहतियाती तौर पर धारा 144 से लगा दी गई है.” उन्होंने कहा कि विशेष सशस्त्र बल :एसएएफ: की 34 कंपनियां प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं.

टोपी में लिखा – ‘मैं हूं माई का लाल’

प्रदेश के ग्वालियर, भोपाल एवं अन्य शहरों में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चिढ़ाने के लिए कई लोगों ने एक टोपी भी पहन रखी है, जिसमें लिखा है – ‘मैं हूं माई का लाल’. बता देंकि चौहान ने कथित तौर पर कहा था –’हमारे रहते कोई माई का लाल आरक्षण खत्म नहीं कर सकता’. इसी को लेकर लोगों ने यह टोपी पहनी है.

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शांति को किसी की नजर न लगे

इसी बीच, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश के लोगों से शांति बनाये रखने की अपील करते हुए कहा, ”मध्यप्रदेश शांति का टापू है. प्रदेश की शांति को किसी की नजर न लगे, इसलिए आत्मीयता व सद्भाव बढ़ाएं. मैं सबके लिए हूं. प्रदेश के हर नागरिक के लिए द्वार खुला हुआ है. आप सबसे प्रार्थना है कि मिलकर व प्रेम से काम करें. कोई बात हो तो शांति से कहें, ताकि अपने प्रदेश की कानून व्यवस्था न बिगड़े.”

सामान्य वर्ग- पिछड़ा वर्ग के 150 संगठन जुड़े

इसी दरमियान, प्रदेश में बंद का नेतृत्व कर रहे ब्रह्म समागम सवर्ण जनकल्याण संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धमेंद्र शर्मा ने कहा, ”हमारे संगठन से करीब 150 संगठन जुड़े हुए हैं, जो सवर्ण, सामान्य वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग में आते हैं.”

छिंदवाड़ा व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेश चांडक ने बताया, ”लोगों ने काले कपड़े पहनकर इस कानून का विरोध किया है. व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने स्वेच्छा से अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे हैं.”

जगह-जगह पुलिस तैनात

छिंदवाड़ा जिले के एसपी अतुल सिंह ने बताया, ”छिंदवाड़ा जिले में किसी भी संगठन ने बंद कराने की जिम्मेदारी नहीं ली है. एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पूरे शहर में जगह-जगह पुलिस तैनात कर दी गई है और थाना प्रभारियों को भी कड़े निर्देश दिए गए है. सभी गतिविधियों पर नजर रखा गया है.”

पुलिस मुख्यालय से पूरे प्रदेश पर नजर

राज्य के विभिन्न हिस्सों में बीते एक सप्ताह से एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में आंदोलनों का दौर जारी है. बीजेपी और कांग्रेस के जन प्रतिनिधियों को जनाक्रोश का सामना करना पड़ रहा है. बुधवार को भी भाजपा के कई नेताओं का विरोध हुआ और उन्हें काले झंडे दिखाए गए. पुलिस प्रशासन ने हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया हुआ है, पुलिस मुख्यालय से पूरे प्रदेश के हालात पर नजर रखी जा रही है. हर जगह पुलिस बल की गश्त जारी है.