भोपाल/जबलपुर. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को धार्मिक शख्स के तौर पर मध्य प्रदेश में प्रचारित किए जाने की जुगत जारी है. कांग्रेस कार्यकर्ता उन्हें कभी शिवभक्त, तो कभी रामभक्त और अब नर्मदा भक्त के रूप में प्रचारित कर रहे हैं. राहुल गांधी के जबलपुर में लगे पोस्टरों, होर्डिंग में उन्हें नर्मदा भक्त बताया गया हैं. पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को जबलपुर आ रहे हैं. वह यहां नर्मदा नदी के तट ग्वारीघाट भी जाने वाले हैं. इसी के चलते यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल के स्वागत में होर्डिंग, पोस्टर लगाए हैं. इनमें से कुछ में राहुल को नर्मदा भक्त बताया गया है. राहुल गांधी की इस भक्ति-गाथा को सियासी जानकार प्रदेश में अगले कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव और सत्तारूढ़ भाजपा को उसी के अंदाज में जवाब देने के लिए, कांग्रेस का महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं.

चुनावी साल में शिवराज ने की वादों की बौछार, कांग्रेस का सवाल 14 साल तक क्‍या कर रहे थे

इससे पहले भोपाल में लगे होर्डिंग मे राहुल को शिवभक्त बताया गया था, तब वह अमरनाथ की यात्रा से लौटे थे, उसके बाद उनका चित्रकूट जाना हुआ तो वहां रामभक्त पंडित राहुल के पोस्टर लगे थे और अब जबलपुर आ रहे हैं तो उन्हें नर्मदा भक्त बताया गया है. इन पोस्टरों के संबंध में मीडिया ने जब मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ से सवाल किया तो उन्होंने कहा, ‘सॉफ्ट या हार्ड हिंदुत्व नहीं होता, हम सब धर्मप्रेमी हैं. धर्म को राजनीतिक मंच पर नहीं लाते. जब हम मंदिर जाते है, तो भाजपा वालों के पेट में दर्द होता है. क्या उन्होंने धर्म का ठेका लिया हुआ है.’

Rahul Gandhi MP Journey

बता दें कि 2017 में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव के समय से ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विभिन्न मंदिरों में दौरा करने को लेकर विपक्षी पार्टी भाजपा उन पर सॉफ्ट-हिंदुत्व कार्ड खेलने का आरोप लगाती रही है. इसके जवाब में राहुल गांधी भी विभिन्न मंदिरों में जाकर अलग-अलग देवताओं के प्रति अपनी भक्ति-भावना जाहिर करते रहे हैं. बीते दिनों उनकी कैलाश-मानसरोवर यात्रा को लेकर भी भाजपा के कई नेताओं ने सवाल उठाया था. यात्रा के दौरान राहुल पर मांसाहार करने के आरोप भी लगाए गए थे. लेकिन धार्मिक मसलों पर राहुल गांधी या कांग्रेस के अन्य नेता मुखर नहीं होते हैं. खासकर, जब इस साल के आखिर में मध्यप्रदेश समेत देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और अगले साल लोकसभा का चुनाव है, इसको देखते हुए राहुल गांधी की भक्ति को सियासी जानकार कांग्रेस की चुनावी रणनीति करार दे रहे हैं.

(इनपुट – एजेंसी)