दतिया: देश के महत्वपूर्ण मंदिरों में दर्शन करने का सिलसिला जारी रखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को यहां
प्रसिद्ध शक्तिपीठ ‘मां पीताम्बरा पीठ’ मंदिर में पूजा अर्चना की और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र का दो दिवसीय दौरा प्रारंभ किया. इस
दौरान उनके साथ एमपी कांग्रेस कमेटी के अध्‍यक्ष्‍ा कमलनाथ और कांग्रेस नेता ज्‍योतिरादित्‍या सिंधिया भी मौजूद थे. मध्यप्रदेश
विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान तेजी पर हैं. दतिया में राहुल एक आमसभा को संबोधित करेंगे. बता दें अगले माह 28
नवंबर को वोटिंग होगी.

राहुल यहां मंदिर परिसर में लगभग आधा घंटे तक रुके और मां पीताम्बरा की पूजा अर्चना की. उनके साथ प्रदेश कांग्रेस के
अध्यक्ष कमलनाथ और वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया भी थे.

इससे पहले राहुल, ग्वालियर से हेलिकॉप्टर से यहां पहुंचे थे. सिंधिया ने उनको पीताम्बरा पीठ के पुजारियों और ट्रस्ट के
संचालकों से मिलवाया.

राहुल गांधी से पहले उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने तीन बार और उनके पिता राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री बनने
के बाद एक बार इस शक्तिपीठ में आकर पूजा की थी.

कांग्रेस के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने बताया कि साल 1980 के चुनाव के पहले इंदिरा गांधी इस शक्तिपीठ में 1979 में और फिर
प्रधानमंत्री बनने के बाद यहां आई थीं. राजीव गांधी भी प्रधानमंत्री बनने के बाद वर्ष 1984-85 में यहां दर्शन के लिए आए थे.

आजादी के पहले ग्वालियर इलाके में शासन करने वाले सिंधिया राजपरिवार की वंशज और वर्तमान में राजस्थान की मुख्यमंत्री
वसुंधरा राजे सिंधिया, मां पीतामबरा शक्तिपीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष हैं. यह ट्रस्ट इस पीठ का संचालन करता है.

चतुर्वेदी ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू एक बार गंभीर रूप से बीमार हो गए थे. तब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता
कमलापति त्रिपाठी ने नेहरू की तबियत में सुधार की कामना के साथ यहां एक विशेष पूजा करवाई थी.