Madhya Pradesh News: कोई कलेक्टर खुद पर जुर्माना लगा सकता है तो जवाब न में ही मिलेगा. मगर मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले ने न्याय की नई मिसाल पेश की है. उन्होंने अन्य अधिकारियों के साथ खुद पर भी 100 रुपये का जुर्माना लगाया है. आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी में बताया गया है कि समाधान ऑनलाईन, प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा, सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई तथा जनप्रतिनिधि के लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा के लिए बैठक बुलाई गई थी. Also Read - Balika Diwas 2021: गरजे सीएम शिवराज- मैं नरपिशाचों को समाप्त करके ही चैन की सांस लूंगा

इस बैठक में जिलाधिकारी नीरज कुमार सिंह ने 100 रुपये के मान से 1139 शिकायतों का निराकरण नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों पर जुर्माना लगाया. साथ ही कलेक्टर ने स्वयं पर भी कार्रवाई नहीं करने के कारण 100 रुपए का जुर्माना लगाया. Also Read - Madhya Pradesh Crime News: 13 साल की बच्ची के साथ पांच दिनों में दो बार सामूहिक दुष्कर्म, 6 गिरफ्तार

इस बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभागीय अधिकारी एक सप्ताह के अंदर अभियान चलाकर सीएम हेल्पलाइन समाधान ऑनलाइन समय सीमा निर्धारित पत्रों की जनसुनवाई और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्र का निराकरण करना सुनिश्चित करें. Also Read - सज्जन सिंह वर्मा ने लड़कियों की उम्र को लेकर दिया था विवादित बयान, अब NCPC ने भेजा नोटिस

जानकारी के अनुसार समीक्षा के दौरान उन्होने पशु चिकित्सा विभाग के सहायक क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी और पिपलिया कला के एम एस मंसूरी और पी एस दांगी को केसीसी से संबंधित कार्य नहीं करने के कारण निलंबित करने के निर्देश दिए. इसी प्रकार निर्धारित समय सीमा में पत्रों का निराकरण नहीं करने के कारण मुख्य कार्यपालन अधिकारी सारंगपुर, लोकशिक्षण विभाग, पीएमजीएसवाई तथा सारंगपुर तहसीलदार को शोकॉज नोटिस जारी करने हेतु निर्देशित किया. साथ ही राजगढ़ तहसीलदार को बैठक में अनुपस्थित रहने के कारण नोटिस देने के निर्देश दिए.

(इनपुट: IANS)