इंदौर: मध्यप्रदेश के भाजपा नेता जीएस डामोर ने बुधवार को कहा कि पार्टी आलाकमान के आदेश के मुताबिक उनके द्वारा एक-दो दिन के भीतर फैसला किया जा सकता है कि वह रतलाम सीट के सांसद का ओहदा छोड़ेंगे या झाबुआ क्षेत्र के विधायक पद से इस्तीफा देंगे. लोकसभा चुनावों की हालिया जीत के बाद डामोर के पास फिलहाल दोनों ओहदे हैं और नियमानुसार उन्हें इनमें से एक पद छोड़ना होगा.

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भाजपा नेता के आगामी फैसले पर सियासी पार्टियों की बारीक निगाहें टिकी हैं क्योंकि इस कदम से राज्य विधानसभा में दलीय स्थिति बदल सकती है. सूबे में सत्तारूढ़ कांग्रेस और प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के बीच सीटों के अंकगणित को लेकर सदन में बेहद नजदीकी फासला है. डामोर ने बताया कि मेरी भाजपा आलाकमान से चर्चा हुई है. उन्होंने मुझसे कहा है कि वे मुझे एक-दो दिन में बता देंगे कि मुझे सांसद या विधायक में से कौन-सा पद छोड़ना है. उन्होंने बताया कि मेरी कल बृहस्पतिवार को दिल्ली में भाजपा के एक आला नेता से मुलाकात होनी है. इसके बाद मेरे सामने स्थिति स्पष्ट हो सकती है कि मुझे क्या करना है.

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डामोर ने कांतिलाल भूरिया को 90,636 मतों के अंतर से हराया
प्रदेश सरकार के सेवानिवृत्त अफसर डामोर ने हाल के लोकसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के तौर पर कड़े चुनावी मुकाबले में रतलाम क्षेत्र के तत्कालीन सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया को 90,636 मतों के अंतर से हराया और कांग्रेस से यह सीट छीन ली. यह सीट जनजातीय समुदाय के लिये आरक्षित है. डामोर प्रदेश के एकमात्र भाजपा विधायक हैं जिन्हें पार्टी ने लोकसभा चुनावों का टिकट दिया था. उन्होंने नवंबर 2018 के पिछले विधानसभा चुनावों में झाबुआ क्षेत्र में भूरिया के डॉक्टर बेटे और कांग्रेस उम्मीदवार विक्रांत को हराया था.

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मध्यप्रदेश भाजपा के खाते में हैं 109 सीटें
वर्ष 2017 में प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के चीफ इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्ति के चंद महीनों बाद डामोर भाजपा में शामिल हुए थे. राज्य विधानसभा की वेबसाइट के मुताबिक प्रदेश में 230 सदस्यीय विधानसभा में फिलहाल सत्तारूढ़ कांग्रेस के पास 114 सीटें हैं, जबकि प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के खाते में 109 सीटें हैं. सदन में बहुजन समाज पार्टी के पास दो सीटें, समाजवादी पार्टी के पास एक सीट और निर्दलीय विधायकों के पास चार सीटें हैं.