नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी (Ratul Puri) 3,600 करोड़ रुपए के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदा घोटाला (Agustawestland Helicopter Scam) मामले में कथित तौर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ से बचने के लिए चुपके से ईडी की पूछताछ से बाहर निकल गए. एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदा मामले में पुरी से पूछताछ चल रही थी, इस बीच उन्होंने जांच अधिकारी से वाशरूम जाने के लिए छुट्टी मांगी, लेकिन वह वहां से भाग निकले. जब वह पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे तो एजेंसी के अधिकारियों ने उनके मोबाइल पर फोन किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ था.

हालांकि पुरी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि शुक्रवार को पूछताछ के दौरान उन्हें एजेंसी के अधिकारियों ने भोजनावकाश के लिए जाने की अनुमति दी थी. पुरी ने कहा कि वह शुक्रवार को एजेंसी के अधिकारियों के समक्ष पेश हुए थे. पुरी ने अपनी अंतरिम जमानत याचिका में कहा कि ईडी के अधिकारियों ने दो-तीन घंटे पूछताछ करने के बाद दोपहर का भोजन करने के लिए जाने की अनुमति दी थी और फिर मिलने के लिए कहा था.

हालांकि उन्हें ईडी के दफ्तर वापस लौटने में देर हो गई. उसके बाद उनको खबर मिली कि एजेंसी के अधिकारी उनके दफ्तर व आवास पर उनको ढूंढ रहे हैं. पुरी को अंदेशा था कि ईडी के अधिकारी उनको गिरफ्तार कर सकते हैं, इसलिए उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए शनिवार को अंतरिम राहत के लिए अदालत का रुख किया. अदालत ने उनको 29 जुलाई तक के लिए अंतरिम राहत प्रदान की. हालांकि ईडी ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मामले में कुछ अहम साक्ष्य से उनका आमना-सामना करवाने की आवश्यकता है. हिंदुस्तान पावर प्रोजेक्ट्स के निदेशक मंडल के चेयरमैन पुरी ने सौदे में अपनी भूमिका से इंकार किया है.