भोपाल: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि सामाजिक चुनौतियों और कुरीतियों का सामना करने के लिये संघ को सक्षम कार्यकर्ता तैयार करने होंगे. यहां शारदा विहार परिसर में दो दिन चली संघ की क्षेत्रीय समन्वय बैठक के समापन अवसर पर भागवत ने कहा कि वैचारिक एवं सामाजिक नेतृत्व तैयार करने के लिए सभी अपने संगठनों में अनुशासित, धैर्यवान, सक्षम एवं स्वावलंबी कार्यकर्ताओं को जोडें.

संघ के मध्यभारत प्रांत के प्रचार प्रमुख ओम प्रकाश सिसोदिया द्वारा जारी एक बयान के अनुसार भागवत ने कहा कि संघ अपने कार्यों का विस्तार ग्रामीण स्तर तक करे ताकि आने वाले समय में हम सामाजिक चुनौतियों एवं कुरीतियों का सामना करने में सक्षम और स्वावलंबी बन सकें. भागवत ने कहा कि संघ के सभी संगठनों के कार्यकर्ता एक दूसरे के पूरक बनकर स्वयंसेवक भाव से अपने कार्यों का विस्तार एवं संगठन को मजबूत करें. बैठक में भागवत ने कहा कि जागृत समाज के माध्यम से संगठित समाज खड़ा कर सामर्थ्य सम्पन्न भारत को खड़ा करना हम सब का उद्देश्य है. नैतिक शिक्षा को समाज में चर्चा का विषय बनाकर इस कार्य को हमें निचले स्तर तक के कार्यकर्ता को उत्कृष्ट तरीके से समझाना होगा.

दो दिवसीय बैठक में एमपी व छत्तीसगढ़ के प्रमुख कार्यकर्ता हुए शामिल
उन्होंने कहा कि आज भारतीय समाज संघ के उद्देश्यों को समझ रहा है और आगे बढ़कर सहयोग करना चाहता है. इस समय सामाजिक सद्भाव के माध्यम से हम अपने विचारों एवं कार्यों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुचाएं ताकि एक आदर्श भारतीय समाज का निर्माण हो सके. उल्लेखनीय है कि इस दो दिवसीय समन्वय बैठक में विविध संगठनों के मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के प्रमुख कार्यकर्ता शामिल हुए. भागवत की उपस्थिति में संघ की बैठक में अगले वर्ष की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई.