भोपाल: मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है. यहां से पार्टी के वरिष्ठ नेता और पिछला विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले सतीश सिंह सिकरवार ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ की मौजूदगी में मंगलवार को सिकरवार ने ग्वालियर से अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भोपाल पहुंचकर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की. इस मौके पर संगठन प्रभारी चंद्र प्रभाष शेखर, पूर्व मंत्री रामनिवास रावत सहित कई बड़े नेता मौजूद रहे. Also Read - कृषि बिल के विरोध में संसद के बाद अब सड़क पर उतरेगी कांग्रेस, जानिये विधेयक को लेकर अब तक क्या-क्या हुआ...

ज्ञात हो कि सिकरवार ने पिछला चुनाव ग्वालियर के पूर्व क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर लड़ा था और उन्हें कांग्रेस के उम्मीदवार मुन्ना लाल गोयल ने परास्त किया था. गोयल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्येातिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. गोयल को भाजपा आगामी उप-चुनाव में उम्मीदवार बनाने वाली है. सिकरवार के कांग्रेस का दामन थामने से इस बात की चर्चा है कि कांग्रेस सिकरवार को ग्वालियर पूर्व से उम्मीदवार बना सकती है. Also Read - कृषि विधेयकों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी कांग्रेस, दो करोड़ किसानों के जुटाएगी हस्ताक्षर

बता दें कि मध्य प्रदेश में 27 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं. ऐसे में 22 सीटें वे हैं जिनपर सिंधिया समर्थित विधायकों ने इस्तीफा दिया था. ऐसे में भाजपा के वरिष्ठ नेता का पार्टी छोड़कर चले जाना कहीं भाजपा के लिए हानिकारक साबित न हो जाए, क्योंकि सिकरवार का चंबल क्षेत्र में काफी प्रभाव और वोट बैंक है. ऐसे में पार्टी को थोड़ा ही सही लेकिन नुकसान होने की संभावना है. Also Read - केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- डिजिटल मीडिया ज़हर है, इस पर नियंत्रण हो