इंदौर: मध्‍य प्रदेश के शहर इंदौर में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव  कैलाश विजयवर्गीय ने एक बड़ा बयान  दिया है. विजयवर्गीय ने दावा किया है कि दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुरेश पचौरी जैसे सीनियर कांग्रेस नेताओं के समर्थकों ने उनसे मिलकर मध्यप्रदेश की कमलनाथ नीत कांग्रेस सरकार गिराने में मदद मांगी है. हालांकि, भाजपा महासचिव ने अपने इस दावे के समर्थन में दिग्विजय, सिंधिया और पचौरी के समर्थकों का नाम नहीं बताया. लेकिन कहा, “मैंने उनसे (दिग्विजय, सिंधिया और पचौरी के तथाकथित समर्थक) कहा कि अभी रुको. भगवान कृष्ण ने जरासंध को 99 बार माफ किया था. अभी हम माफ कर रहे हैं. जिस दिन 100 (अपराध) पूरे हो जाएंगे, कमलनाथ को सड़कनाथ बना दिया जाएगा.” Also Read - Hyderabad Election Result 2020: हैदराबाद नगर निगम चुनाव में बजा बीजेपी का डंका, टीआरएस को फिर मिली सत्ता

विजयवर्गीय ने कल (मंगलवार को) इंदौर में भाजपा के एक कार्यक्रम में इस आशय का बयान दिया कि दिग्विजय, सिंधिया और पचौरी के समर्थक उनके पास आते हैं और कमलनाथ सरकार को गिराने के लिए उनसे मदद मांगते हैं. Also Read - वैक्सीनेशन को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, अधीर रंजन बोले- आम जनता के टीकाकरण के लिए कोई रोडमैप नहीं

कमलनाथ, मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के साथ प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भी हैं. प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कमलनाथ सरकार के बारे में विजयवर्गीय के दावे को उनकी कल्पना की उड़ान बताया. Also Read - GHMC Eelection Results 2020 Update: पलट गए रुझान, सबसे बड़ी पार्टी बनती दिख रही TRS, तीसरे नंबर पर भाजपा!

सलूजा ने बुधवार को कहा, “विजयवर्गीय खुद के महिमामंडन और मीडिया में जगह की जुगाड़ के लिए अक्सर उल-जुलूल बयानबाजी करते रहते हैं. दरअसल, वह कल्पना लोक में जी रहे हैं. कमलनाथ सरकार को लेकर उनके हास्यास्पद दावे में कोई सचाई नहीं है.”

कांग्रेस नेता ने बीजेपी महासचिव के पौराणिक ज्ञान पर भी सवाल उठाए. सलूजा ने कहा, “खुद को धार्मिक व्यक्ति बताने वाले विजयवर्गीय को पौराणिक इतिहास का ज्ञान तक नहीं है. उन्होंने अपनी अनर्गल बयानबाजी में शिशुपाल की जगह जरासंध का जिक्र करते हुए कह दिया कि भगवान कृष्ण ने जरासंध को 99 बार माफ किया था.” हिंदुओं की पौराणिक कथाओं के मुताबिक भगवान कृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल के वध से पहले उसके 100 अपराध क्षमा किए थे.