भोपाल: मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार गुरुवार को होने जा रहा है. इस विस्तार में भाजपा नए चेहरों को ज्यादा महत्व देने वाली है और कई वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल से बाहर रखा जा सकता है. यही कारण है कि जिन नेताओं को बाहर रखा जाना है, उनसे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने देर रात तक संवाद किया. राजधानी में मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रदेश प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे, प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा व प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुहास भगत की बुधवार की शाम से शुरू हुई बैठक देर रात तक चली. सहस्रबुद्ध दिल्ली से केंद्रीय नेतृत्व द्वारा सुझाए गए नामों की सूची लेकर भोपाल पहुंचे हैं. Also Read - जम्मू-कश्मीर में नेताओं पर बढ़े हमले पाकिस्तान की हताशा: भाजपा

इस बैठक में संभावित नामों पर चर्चा किए जाने के साथ कई वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल न करने पर सहमति बनी. जिन विधायकों को मंत्री नहीं बनाया जाना है, उनसे वरिष्ठ नेताओं ने बात भी की है. सूत्रों का कहना है कि वरिष्ठ नेताओं की बैठक में पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ल, गौरीशंकर बिसेन, संजय पाठक सहित कई नेताओं को बुलाया गया और उनसे चर्चा भी की गई. Also Read - 'जस्टिस फॉर सुशांत' का बिहार चुनाव पर होगा असर, जानें राजपूत समुदाय से कैसे होगा पार्टियों को फायदा

संभावना इस बात की जताई जा रही है कि जिन नेताओं को मंत्री नहीं बनाया जा रहा है, उन्हें पार्टी ने भरोसा दिलाया है कि उनके महत्व को बरकरार रखा जाएगा. संगठन में उनका बेहतर उपयोग किया जाएगा. राजभवन के सूत्रों का कहना है कि राजभवन में 11 बजे मंत्रिमंडल के सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी. राज्य की प्रभारी राज्यपाल आनंदी बेन पटेल बुधवार की दोपहर भोपाल पहुंची हैं. उन्होंने संदीपनि भवन में आयोजित समारोह में शपथ ली. Also Read - पीएम मोदी की फोटो से छेडछाड़ कर ट्वीट करने के मामले में कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के खिलाफ दर्ज हुआ मामला