इंदौर: अपने पूर्ववर्ती कमलनाथ की नेतृत्व क्षमता पर निशाना साधते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि 73 वर्षीय कांग्रेस नेता इस पद पर रहने के दौरान हमेशा धन की कमी की रट लगाते रहते थे. चौहान ने शहर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-तीन में 50 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की बुधवार रात शुरूआत की.Also Read - MP News: मध्य प्रदेश में बारिश और बिजली गिरने से अब तक 69 की मौत, दर्जनों घायल

इस मौके पर उन्होंने कहा, “कमलनाथ जब राज्य के मुख्यमंत्री थे, तब विकास की मांग पर जन प्रतिनिधियों से हमेशा यही कहते थे कि (सरकारी खजाने में) पैसा नहीं है. लेकिन सूबे की मौजूदा भाजपा सरकार विकास कार्यों के लिए धन की कमी कभी नहीं आने देगी.” Also Read - MP News: मध्य प्रदेश में तेज बारिश और बाढ़ से हालात खराब, 1100 गांव प्रभावित, हजारों लोग फंसे | सीएम ने मांगी पीएम मोदी से मदद

चौहान ने कहा कि पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार ने गरीब कल्याण की महत्वाकांक्षी “सम्बल” योजना को बंद कर दिया था जिसे मौजूदा भाजपा सरकार ने बहाल कर दिया है. Also Read - MP News: अब घर बैठे बनेगा Learning Licence, RTO ऑफिस जाने की जरुरत नहीं | महिलाओं के लिए मुफ्त सुविधा

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य सरकारी महकमों के खाली पदों पर जल्द भर्ती शुरू की जाएगी ताकि कोविड-19 के संकट के दौरान युवाओं को सरकारी रोजगार मिल सकें.

उन्होंने इंदौर में महामारी की रोकथाम के लिए कई व्यापारी संगठनों द्वारा स्वैच्छिक तौर पर आंशिक लॉकडाउन के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से समूचे सूबे को सीख लेनी चाहिए.

गौरतलब है कि कारोबारी संगठनों ने खुद तय किया है कि वे सोमवार से शुक्रवार तक अपने प्रतिष्ठान शाम छह बजे बंद कर देंगे, जबकि शनिवार व रविवार को इन्हें पूरी तरह बंद रखा जाएगा. मुख्यमंत्री ने यह घोषणा भी की कि शहर में झुग्गी-झोंपड़ी में रहने वाले हर परिवार को तीन वर्षों के भीतर पक्का घर मुहैया कराया जाएगा.