भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को यहां कहा कि गुरुवार 30 अप्रैल से राज्य के सभी राज्यस्तरीय कार्यालयों में कामकाज शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए 30 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालय में आएंगे. मुख्यमंत्री चौहान ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में धीरे-धीरे स्थितियां सुधर रही हैं, इसलिए निर्णय लिया गया है कि बल्लभ भवन, सतपुड़ा, विंध्याचल और अन्य राज्य स्तरीय कार्यालयों में 30 प्रतिशत कर्मचारी-अधिकारी अब कामकाज के लिए आने प्रारंभ होंगे, ताकि सामान्य कामकाज को जारी रखा जा सके. Also Read - इलाज का बिल नहीं चुका पाया, तो अस्‍पताल में 80 साल के बुजुर्ग को बेड से बांध दिया

चौहान ने राज्य में कोरोना महामारी से निपटने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का ब्यौरा देते हुए कहा कि “जहां कोरोना के मरीज हैं, उन जिलों में अधिकारियों की टीम भेजी जा रही है. टीम वहां जाकर कैंप करेगी. यह टीम स्थानीय प्रशासन को इलाज और लॉकडाउन जैसे विषय पर हर संभव सहयोग करेगी. सुखद संकेत यह है कि भोपाल व इंदौर में नमूनों के अनुपात में पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या कम हो रही है, इंदौर और भोपाल में संख्या घट रही है. मृत्युदर भी कम हो रही है. साथ ही डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है.” Also Read - सात जिलों के कलेक्टरों सहित 17 IAS अधिकारियों का शिवराज सरकार ने किया तबादला, जानें कौन कहां भेजा गया

इस संदर्भ में सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव के. के. सिंह ने प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों को दिशानिर्देश जारी कर गुरुवार से राज्यस्तरीय दफ्तरों में कामकाज शुरू करने के लिए कहा है. बता दें कि तमिलनाडु के कई शहरों में भी आज रात के बाद चार शहरों में लॉकडाउन को खत्म कर दिया जाएगा. आज रात के बाद यह नियम लागू हो जाएगा. Also Read - Coronavirus Update: कुल मामलों में से आधे मामले इन चार महानगरों से, देश में 2.4 लाख से अधिक लोग संक्रमित, देखें सभी जिलों की लिस्ट