भोपाल: एमपी के नए-नए मुख्यमंत्री बने कमनाथ के एक बयान ने जहां देश के कई दूसरे राज्यों के नेताओं और लोगों क  नाराजगी बढ़ा  दी तो वहीं, हाल ही में निवर्तमान हुए शिवराजसिंह चौहान ने पर-प्रांतीय के भाव वाले बयान की आग में पानी डालने वाला ऐसा बयान दिया है कि उनकी विनम्र छवि को और चमकाने वाला नजर आ रहा. अपनी विनम्रता से लोगों को दिल जीतने  मेें माहिर शिवराज भले ही अपनी पार्टी की सरकार बनाने में महज कुछ संख्याबल की कमी से चूक गए हों, लेकिन ऐसे मौकों पर चौहान चूकते हुए नहीं दिख रहे हैं. विपक्ष की पारी में शिवराज ने अपनी पर्सनल ब्रांडिंग का सत्ता से उतरने के बाद पहला तीर कमलनाथ के शपथग्रहण समारोह के मंच पर ही दाग दिया था. मंच पर शिवराज कांग्रेस के तेजरर्रार नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ के बीच खड़े होकर मुस्कराते हुए दोनों के हाथ उठाते हुए नजर आए थे. शिवराज की ये अदा लोगों को खूब भाई और अब एक ऐसा ट्वीट किया है कि देश के लोगों का दिल एक बार फिर वे जीतते नजर आ रहे हैं. Also Read - मिसाल: ऐसा गांव, जहां शराब पीकर आने वाले से लोग वसूलते हैं जुर्माना, मंदिर में करते हैं खर्च

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दरअसल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा नौकरियों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने के लेकर दिए गए विवादित बयान पर राज्य के किसी विरोधी दल के नेता ने तीन दिन बाद पहली टिप्पणी की है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा है कि मप्र हिंदुस्तान का दिल है यहां आने वाला यहीं बस जाता है.

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पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने बुधवार को ट्वीट कर कहा है, “मध्यप्रदेश में ना कोई इधर का है.. ना कोई उधर का. मध्यप्रदेश में जो भी आता है यहां का हो कर ही बस जाता है. प्रदेश को हिंदुस्तान का दिल ऐसे ही नहीं कहते! क्यों ठीक कहा ना?”

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बता दें कि कमलनाथ ने सोमवार देर शाम को किसानों की कर्ज माफी के आदेश जारी किए जाने की पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा था कि राज्य में युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार सुलभ करवाने के उद्देश्य से उद्योग संवर्धन नीति 2018 और एम़ एस़ एमई़ विकास नीति-2017 में संशोधन का निर्णय लिया है. संशोधन के अनुरूप अब राज्य शासन से वित्तीय एवं अन्य सुविधाएं लेने वाली औद्योगिक इकाइयों को 70 प्रतिशत रोजगार मध्य प्रदेश के स्थायी निवासियों को देना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही कमलनाथ ने कहा था कि बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग यहां नौकरियां पा लेते हैं और स्थानीय नौजवान नौकरियों से वंचित रह जाते हैं.

कमलनाथ के बयान पर बिहार और उत्तर प्रदेश से तीखी प्रतिक्रियाएं आईं, जिसके बाद बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने नपे-तुले शब्दों में अपनी बात कही है.