भोपाल: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ द्वारा उप-चुनाव के बाद मुख्यमंत्री बनते ही केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों को राज्य में लागू नहीं करने के ऐलान पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसा है और कहा है कि न नौ मन तेल होगा और ना ही राधा नाचेगी. Also Read - बिहार में मुफ्त वैक्सीन बांटने के वादे पर राहुल गांधी का बीजेपी पर हमला, RJD बोली- इसमें भी चुनावी सौदेबाजी, छी-छी

चौहान से शुक्रवार को जब पूछा गया कि कमल नाथ ने फिर मुख्यमंत्री बनने पर केंद्र के तीनों कृषि कानूनों केा राज्य में लागू नहीं करने की बात कही है तो उन्होंने कहा, न नौ मन तेल होगा और न राधा नाचेगी. कृषि बिल नहीं, कृषि बिल नहीं कह रहे हैं, भ्रम फैलाया जा रहा है. Also Read - बिहार में 23 अक्टूबर को राहुल गांधी और तेजस्वी यादव साथ में रैली करेंगे, ये है कार्यक्रम

एक तरफ राहुल गांधी ट्रैक्टर पर सोफा लगाकर घूम रहे हैं, खेती-किसानी जानते नहीं, उन्हें यह पता ही नहीं कि प्याज जमीन के नीचे होती है या जमीन के ऊपर. कृषि बिल किसानों के हित में है, उनकी आय को दो गुना करने वाला है.

ज्ञात हो कि पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कृषि बिलों को किसानों के लिए काला कानून बताया है. साथ ही ऐलान किया है कि मुख्यमंत्री बनते ही वे राज्य में कृषि कानूनों को लागू नहीं होने देंगे.

शिवराज सिंह कृषि कानून पर कांग्रेस के द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर लगातार प्रहार कर रहे हैं. इससे पहले भी उन्होंने गुरुवार को भी अपनी रैली में कांग्रेस को आड़े हाथों लिया था.

चौहान ने भाजपा कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में कहा था कि, “वे (कांग्रेस नेता) आज हम पर गद्दारी का आरोप लगाते हैं। लेकिन (पूर्ववर्ती कांग्रेस राज में) कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने वल्लभ भवन (राज्य सचिवालय) को बेच दिया था. यह भवन दलालों का अड्डा बन गया था।” उन्होंने कहा, “कमलनाथ सरकार में मंत्रियों और विधायकों के लिए वल्लभ भवन का दरवाजा बंद रहता था, लेकिन कोई बड़ा ठेकेदार आ जाए तो यह दरवाजा तुरंत खुल जाता था और निविदाओं में हेर-फेर की जाती थी.”