भोपाल: मध्य प्रदेश में सरकार बनाए जाने के बाद आज यानी मंगलवार के दिन प्रदेश की कैबिनेट का विस्तार किया गया. इस दौरान 5 मंत्रियों ने राज्यपाल भवन में शपथ ली. यह शपथ समारोह दोहपर 12 बजे आयोजित किया गया था. कैबिनेट में नरोत्तम मिश्रा, गोविंद सिंह राजपूत, मीना सिंह, कमल पटेल, और तुलसीराम सिलावट को जगह दी गई है. बता दें कि शिवराज सिंह चौहान जिन्हें मंत्री परिषद में जगह दे रहे हैं वे सभी अलग अलग समुदायों व जातियों से हैं. इस कारण माना जा रहा है कि चौहान इन्हें प्रतिनिधित्व देकर जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने के प्रयास में जुटे हुए हैं. Also Read - Lockdown 5.0: मध्य प्रदेश में 15 जून तक बढ़ाया गया लॉकडाउन, 13 जून के बाद खोले जाएंगे स्कूल

कैबिनेट में समान्य वर्ग का प्रतिनिधित्व करने के लिहाज से गोविंद सिंह राजपूत को कैबिनेट में जगह दी गई है. समान्य वर्ग से ब्राह्मण चेहरे को तौर पर नरोत्तम मिश्रा को कैबिनेट में जगह दी गई है. नरोत्तम मिश्रा इससे पहले शिवराज सरकार में शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं. वहीं आदिवासी वर्ग के नेतृत्व के लिए मीना सिंह को कैबिनेट में शामिल किया गया है. कुर्मी समुदाय के नेतृत्व के लिए ओबीसी वर्ग से ताल्लुक रखने वाले कमल पटेल को भी मंत्रीमंडल में शामिल किया गया है. वहीं सिंधिया के करीबी माने जाने वाले व कमलनाथ सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे तुलसीराम सिलावट को भी कैबिनेट में जगह दी गई है. सिलावट अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं और ये सिंधिया समर्थक हैं, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे. बता दें कि गोविंद सिंह राजपूत भी सिंधिया समर्थक हैं. Also Read - सीएम शिवराज का आदेश- एमपी में कोरोना से हुई हर मौत का होगा विश्लेषण, अब तक 334 की गई है जान

बता दें कि कमलनाथ सरकार बनने के बाद से ही दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच विवाद की खबरे सामने आती रही है. ऐसे में बढ़ते अनबन के बीच सिंधिया ने कांग्रेस से किनारा कर लिया और भाजपा पार्टी में शामिल हो गए. इस दौरान सिंधिया के साथ उनके 22 समर्थक विधायकों ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. इस कारण कमलनाथ की सरकार मध्य प्रदेश में गिर गई, इसके बाद शिवराज सिंह चौहान चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री बनें. बता दें कि कैबिनेट में सिंधिया के 2 समर्थकों को शामिल किया गया है. फिलहाल कैबिनेट की संख्या कम रखी गई है.