नई दिल्‍ली: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के 13 घंटे बाद, शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष की गैरमौजूदगी में मंगलवार को राज्य विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया. सपा, बसपा और निर्दलीय विधायकों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया. Also Read - प्रधानमंत्री की दीये जलाने की अपील भाजपा का छुपा एजेंडा: एचडी कुमारस्वामी

भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने चौथे कार्यकाल के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा में सर्वसम्मति से विश्वास प्रस्ताव जीता. कांग्रेस का एक भी विधायक मतदान के समय विधानसभा में मौजूद नहीं था. सपा, बसपा और निर्दलीय विधायकों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया. Also Read - दिग्विजय सिंह अमर्यादित भाषा वाले आ रहे कॉल्‍स से हुए परेशान, बंद किया मोबाइल फोन

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तुरंत बाद विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने का फैसला किया, जिसके से मंगलवार से विधानसभा का विशेष सत्र शुरू हो गया है.

विधानसभा में भाजपा सरकार ने विश्वास मत ध्वनिमत के जरिए हासिल किया. हालांकि इस दौरान सदन में विपक्षी दल कांग्रेस का कोई विधायक उपस्थित नहीं था. सदन की संक्षिप्त बैठक में चौहान ने एक पंक्ति का विश्वास प्रस्ताव पेश किया जिसे सदन में उपस्थित सत्ता पक्ष के विधायकों ने ध्वनिमत से अपना समर्थन दिया.

स्पीकार की कुर्सी पर विराजमान वरिष्ठ विधायक जगदीश देवड़ा द्वारा विश्वास मत पारित करने की घोषणा के बाद सदन की कार्यवाही 27 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई.

इससे पहले मंगलवार सुबह को भाजपा ने एक अपने विधायकों को व्हिप जारी कर विश्वास मत के पक्ष में मत देने का कहा था.

इससे पहले सोमवार देर रात विधानसभा अध्यक्ष एन पी प्रजापति ने अपना त्यागपत्र विधानसभा उपाध्यक्ष हिना कवरे को सौंप दिया. पहले दिन शिवराज सिंह चौहान की नई सरकार सदन में अपना बहुमत साबित किया.

भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति एवं उपाध्यक्ष हिना कांवरे द्वारा इस्तीफा देने के कारण भाजपा के वरिष्ठ विधायक जगदीश देवडा अध्यक्ष की आसंदी पर विराजमान हुए और सदन की कार्यवाही की. उन्होंने दावा किया कि सदन में कुल 112 सदस्यों ने ध्वनि मत से चौहान का समर्थन किया. इनमें भाजपा के सदस्यों के अलावा, बसपा, सपा एवं निर्दलीय विधायक शामिल थे.

इस प्रकार शिवराज सिंह चौहान की नेतृत्व वाली, प्रदेश की नई भाजपा सरकार ने बहुमत हासिल कर लिया. उन्होंने कहा कि इसके बाद सदन की कार्यवाही को 27 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. मिश्रा ने बताया कि 27 मार्च को लेखानुदान पेश किया जाएगा.

इससे पहले सोमवार रात को राजभवन में एक सादे समारोह में शिवराज सिंह चौहान को राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई. कांग्रेस के 22 विधायकों के त्यागपत्र देने के कारण प्रदेश की कांग्रेस सरकार बहुमत से पीछे रह गयी और मुख्यमंत्री कमलनाथ को पिछले सप्ताह इस्तीफा देना पड़ा था.

प्रदेश विधानसभा की कुल 230 सीटों में से भाजपा के 107 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 22 विधायकों के त्यागपत्र देने के बाद उसकी संख्या घटकर 92 पर आ गई है. वर्तमान में विधानसभा की 24 सीटें रिक्त हैं. इस समय की प्रभावी संख्या 206 है और वर्तमान में सदन में बहुमत का आंकड़ा 104 है.