नई दिल्लीः देश में 24 मार्च से चले आ रहे लॉकडाउन के बीच कई लोग अपने घर-परिवारों से दूर अन्य शहरों और राज्यों में फंसे हुए हैं. इस बीच सबसे ज्यादा समस्याएं प्रवासी मजदूरों को उठानी पड़ रही है. ऐसे में सभी राज्यों की सरकार अपने प्रदेशवासियों को अन्य राज्यों और शहरों से निकालने की कोशिश में जुटी हैं. लेकिन, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने इंदौर में रहने वाले पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूरों को लेकर विशेष अनुरोध किया है. Also Read - 12 साल की बच्‍ची ने बचत के पैसों से प्रवासी मजदूरों को फ्लाइट से झारखंड भेजने का किया इंतजाम

शिवराज सिंह चौहान ने ममता बनर्जी से अपील की है कि इंदौर में रहने वाले पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूरों को निकालने के लिए एक विशेष इंदौर-कोलकाता ट्रेन की आवश्यकता के बारे में वह रेल मंत्रालय को सूचित करें. अपने पत्र में उन्होंने बताया है कि, इंदौर से यह विशेष ट्रेन ऐसे लोगों के लिए चलाई जाएगी जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल के हैं और अपने घर वापस लौटना चाहते हैं. Also Read - 54 जिलों से हैं 50% प्रवासी, 44 यूपी-बिहार के ही, PM मोदी का वाराणसी, योगी का गोरखपुर, अखिलेश का इटावा लिस्ट में

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने पत्र में लिखा है, ‘मध्य प्रदेश का इंदौर शहर औद्योगिक, व्यायवसायिक और शैक्षणिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है. इंदौर में पश्चिम बंगाल के अलग-अलग क्षेत्रों से कई प्रवासी श्रमिक बड़ी संख्या में काम करते हैं. लॉकडाउन के बीच ये प्रवासी अब अपने गृह नगर वापस जाना चाहते हैं, लेकिन बहुत अधिक लंबी दूरी होने और आने-जाने के लिए शासकीय साधन नहीं होने से ये प्रवासी निजी वाहन से पश्चिम बंगाल निकल रहे हैं. जो महंगा होने के साथ ही असुरक्षित और असुविधाजनक विकल्प है.’ Also Read - महाराष्ट्र सरकार से मुंबई हाई कोर्ट ने पूछा, प्रवासी कामगारों के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए, स्पष्ट करें

उन्होंने आगे लिखा है, ‘आपको पहले ही इस बात की जानकारी है कि रेल मंत्रालय और भारत सरकार प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह नगर तक पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था कर रही है. अलग-अलग राज्यों से मिले अनुरोध के आधार पर संबंधित राज्य के प्रवासी श्रमिकों के लिए नियमित रूप से ट्रेनें संचालित हो रही हैं.

मध्य प्रदेश सरकार अब तक कुल 85 श्रमिक स्पेशल ट्रेन के माध्यम से लगभग एक लाख सात हजार प्रवासी श्रमिकों को अन्य राज्यों से राज्य वापस ला चुकी है. ऐेसे में पश्चिम बंगाल के जो भी भाई-बहन इंदौर में फंसे हैं और अपने घर वापस जाना चाहते हैं उनकी सुविधा के लिए कृप्या केंद्रीय रेल मंत्रालयल को आपके राज्य की ओर से इंदौर और कोलकाता के बीच एक विशेष ट्रेन चलाए जाने की आवश्यकता से अवगत कराने का अनुरोध करता हूं.’