नई दिल्‍ली: कोरोना वायरस संक्रमण के बीच मध्‍य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार के मंत्र‍िमंडल का गठन 29 दिन बाद हुआ है, जिसमें पांच मंत्र‍ियों को शपथ दिलाई गई है. इसमें कांग्रेस से बीजेपी में आए ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया केे 2 समर्थक शामिल हैं. ये सिंधिया के उन 22 समर्थक विधायकों में से हैं, जिन्‍होंने कांग्रेस विधायक पद से इस्‍तीफा देकर बीजेपी ज्‍वाइन की थी, जिनमें 6 मंत्री भी थे, लेकिन बिना विधायक होते हुए सिंधिया के जो दो समर्थक शिवराज कैबिनेट में शामिल हुए हैं, उनमें मालवा अंचल से तुलसी सिलावट और बुंदेलखंड अंचल से गोविंद सिंह राजपूत हैं. Also Read - विधानसभा चुनाव में करारी हार की समीक्षा के लिए समिति बनाएगी कांग्रेस

बता दें कि तुलसी सिलावट कमलनाथ सरकार में 25 दिसंबर 2018 को हेल्‍थ मिनिस्‍टर बने थे और बाद में इस पद से इस्‍तीफा देकर ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया के साथ बीजेपी में आए थे. वह इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा सीट (रिजर्व) से चुने गए थे. वह कांग्रेस से चार बार विधायक रह चुके हैं. सिलावट की घोषित संपत्ति 8 करोड़ रुपए से ज्‍यादा है. Also Read - Who is Himanta Biswa Sarma: पूर्वोत्तर के चाणक्य कहे जाते हैं हेमंत बिस्व सरमा, कभी कांग्रेस सरकार में थे मंत्री, आज बनेंगे असम के CM

ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया के सबसे अधिक करीबियों में शुमार बुंदेलखंड के सागर जिले के गोविंद सिंह राजपूत हैं, इन्‍हें भी शिवराज सिंह चौहान सरकार के पहले मंत्रिमंडल के गठन में जगह दी गई है. वह परिवहन मंत्री थे.

छात्र राजनीति से कांग्रेस में शुरुआत करने वाले राजपूत मध्‍य प्रदेश युवक कांग्रेस के अध्‍यक्ष और अखिल भारतीय युवक कांग्रेस के संगठन में महासचिव पद पर भी रहे हैं. 2003, 2008 और 2018 में सागर जिले की सुरखी से कांग्रेस से विधायक बने थे. गोविंद सिंह राजपूत भी कमलनाथ कैबिनेट व कांग्रेस विधायक पद से इस्‍तीफा देकर सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल हुए थे.

कांग्रेस के पूर्व मंत्री रहे तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को विधानसभा के उपचुनाव को जीतकर विधानसभा में बीजेपी से आना होगा.