मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) के 2.50 लाख से ज्‍यादा सरकारी कर्मचारियों (government employees)को बड़ा झटका लगा है. मध्‍य प्रदेश की सरकार के एक फैसले से इन कर्मचारियों (contract employees)को जल्‍द रिटायर किया जाएगा. मध्‍य प्रदेश की सरकार ने 2.50 कर्मचारियों समेत जिला और जनपद शिक्षा केंद्रों में संविदा पर पदस्थ 4,200 अधिकारियों की सेवानिवृत्‍त‍ि को लेकर बड़ा फैसला किया है. सरकार ने इनके रिटायर होने की उम्र घटा दी है.Also Read - Omicron variant new strain: इंदौर में ओमीक्रोन वैरियंट के नए स्ट्रेन BA.2 के कई मामल मिले, 6 बच्चे भी आए चपेट में

मध्‍य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने नए फैसले के तहत इन कर्मचारियों- अधिकारियों के रिटायर होने की उम्र 65 साल को घटा कर 62 साल कर दिया है. राज्‍य सरकार के इस निर्णय से विभिन्न विभागों में पदस्‍थ 2.50 लाख संविदाकर्मी प्रभावित होंगे. वहीं, राज्य शिक्षा केंद्र ने जिला और जनपद शिक्षा केंद्रों में संविदा पर पदस्थ 4,200 अधिकारियों व कर्मचारियों को लेकर भी निर्देश दिए जा चुके हैं. Also Read - Delhi, Mumbai में घटी कोरोना की रफ्तार, कर्नाटक में बड़ी संख्‍या में आए केस, देखें अपने राज्य का अपडेट

मध्य प्रदेश में इन संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति ‘संविदा कर्मचारी नियुक्ति नियम 2011’ के तहत की गई थी, जिसमें रिटायरमेंट की उम्र 65 साल रखी गई थी, लेकिन विधानसभा चुनाव 2018 से पहले राज्य सरकार ने संविदा पर नियुक्त अधिकारियों-कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्ति देने के नियम बनाए थे. जिसमें संविदा कर्मचारियों की सेवानिवृत्‍ति की आयु सीमा 62 साल रखने की बात की गई थी. Also Read - भारत में 2 सालों में पेड़, वन क्षेत्र में 2261 वर्ग KM की बढ़ोतरी हुई : ISFR Report

दरअसल, जनपद शिक्षा केद्रों पर संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों में सेवानिवृत्ति को पर असमंजस बना हुआ था. वहीं, इस मामले को लेकर राज्य शिक्षा केंद्र ने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) से सुझाव मांगा था. जिसके बाद GAD ने 62 साल में ही सेवानिवृत्त करने का सुझाव दिया है. लेकिन यह नियम सिर्फ संविदा पर नियुक्ति पाने वाले अधि‍कारियों-कर्मचारियों के लिए है. अगर नियमित कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद संविदा नियुक्ति पाते हैं, तो वह 65 साल तक सेवा में रह सकेंगे.