Sidhi Bus Accident Latest news updates: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने बुधवार को प्रदेश के सीधी बस हादसे (Sidhi Bus Accident) के मामले में मध्यप्रदेश रोड कॉरपोरेशन (MPRDC) के मंडलीय प्रबंधक (डीएम) सहित 4 अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं. Also Read - MP: राष्ट्रपति कोविंद ने जबलपुर में ऑल इंडिया ज्यूडिशियल एकेडमीज डायरेक्टर्स रिट्रीट का उद्घाटन किया

मुख्‍य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीधी कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में राहत तथा बचाव कार्य की समीक्षा बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से कहा, ” सीधी बस दुर्घटना के सही कारण का तो जांच के बाद पता चलेगा पर आम जनता से जो फीडबैक (प्रतिपुष्टि) मिला है, उसके आधार पर छुहिया घाटी की रोड खराब होने और बार-बार जाम लगने के कारण बस को मार्ग बदलना पड़ा. इसलिए मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमपीआरडीसी) के डीएम, एजीएम और प्रबंधक को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं.” Also Read - COVID-19: देश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा, 24 घंटे में आए 18,327 नए केस

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि क्षमता से अधिक सवारी होने तथा बस के निर्धारित मार्ग से दूसरे मार्ग में जाने का दोषी मानते हुए जिला परिवहन अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश भी दिए गए हैं. चौहान ने कहा, ”इन चारों अधिकारियों को मैं निलंबित कर रहा हूं.” मुख्यमंत्री ने कहा कि एमपीआरडीसी के वरिष्ठ अधिकारी गुरूवार को यहां आएंगे और 15 दिन में घाटी में आवश्यक सुधार कार्य कराया जाएगा. इस रोड पर खतरनाक मोड़ को समाप्त करने के लिए दीर्घकालीन कार्य योजना बनेगी. Also Read - Rajasthan में अब 4 और राज्यों से आने वालों के लिए कोरोना जांच रिपोर्ट जरूरी

सीएम चौहान ने कहा, ”जिन्हें हमने खोया है, उन्हें वापस नहीं लाया जा सकता, पर पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी. आज (बुधवार को) उन्हें सात लाख रुपए की तत्काल सहायता दी गई है. दुर्घटना में मृतक व्यक्तियों के परिजनों को उनकी स्थिति के अनुसार सहायता दी जाएगी.”

बता दें कि कि मध्यप्रदेश में सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुए बस हादसे में 51 लोगों की मौत हो गई थी. यह बस यात्रियों से खचाखच भरी थी और अपना मार्ग बदलकर जाते समय नहर में गिर गई थी. इस हादसे में चालक सहित 6 लोगों को वहां मौजूद 16 से 22 साल के पांच युवकों ने बचा लिया था.