इंदौर: पुणे में सेना के एक अस्पताल में काम करने वाली 34 वर्षीय मूक-बधिर महिला के साथ दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के आरोपों में मंगलवार रात को चार फौजियों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. महिला ने इशारों में अपने साथ हुए हादसे की जानकारी वीडियो काल के जरिए दी थी. इंदौर के तुकोगंज थाने में मूक-बधिर व्यक्तियों की मदद के लिये चलाये जा रहे पुलिस सहायता केंद्र के मुख्य समन्वयक ज्ञानेंद्र पुरोहित ने बुधवार को बताया कि पीड़ित महिला ने वीडियो कॉल के जरिये जून में उनसे सम्पर्क कर इशारों से अपने कथित यौन शोषण के बारे में बताया था. Also Read - Cyclone Nisarga: अब मध्य प्रदेश के लोग हो जाएं सावधान, तूफान दे सकता है दस्तक, घरों में रहने की अपील, अलर्ट

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पुरोहित ने महिला के हवाले से बताया कि पुणे के खड़की स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल के चार फौजी सहकर्मियों ने वहां भिन्न भिन्न मौकों पर डरा-धमकाकर उसका यौन शोषण किया. उसने अस्पताल में काम करने वाले कुछ लोगों को इशारों में आपबीती बताने की कोशिश भी की. लेकिन वे उसकी बात समझ नहीं सके. सांकेतिक भाषा के जानकार ने बताया कि उन्होंने पांच जुलाई को पुणे के इस मिलिट्री हॉस्पिटल जाकर अस्पताल प्रशासन को महिला की शिकायत के बारे में बताया. इसके साथ ही, मिलिट्री हॉस्पिटल के कमांडेंट को औपचारिक पत्र सौंपकर उनसे अनुरोध किया था कि मामले में उचित कदम उठाये जायें. पुरोहित की पत्नी मोनिका भी मूक-बधिर समुदाय के हितों में काम करती हैं और सांकेतिक भाषा की जानकार हैं.

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रक्षा मंत्री निर्मला को ईमेल से बताई पीड़ा

उन्होंने बताया कि मोनिका ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और फौज के आला अधिकारियों को छह अगस्त को ई-मेल भेज कर इस घटना की जानकारी दी थी. इस ई-मेल के जरिये उस वीडियो का लिंक भी भेजा गया था जिसमें पीड़ित महिला अपने यौन शोषण की कथित दास्तां इशारों की जुबान में बयान करती दिखायी दे रही है. पुरोहित ने कहा कि पीड़ित महिला अपने जन्म से ही बोल और सुन नहीं सकती. उसके पति का पिछले साल निधन हो चुका है. उसकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद हमें लग रहा है कि उसकी सहायता के लिये हमारे प्रयास सफल हो गये. हम चाहते हैं कि उसे आगे भी इंसाफ मिले.