भोपाल: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हमेशा कांग्रेस में वंशवाद होने का आरोप लगाते हुए आड़े हाथों लेती रही है, मगर अब इस वंशवाद की छाया भाजपा पर ही नजर आने लगी है. मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार के खिलाफ भारतीय जनता युवा मोर्चा ने आंदोलन के लिए जो समिति बनाई गई है, उसमें बड़े नेताओं के दस पुत्रों को स्थान दिया गया है. भाजयुमो ने प्रदेश में कमलनाथ सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन करने का ऐलान किया है. इस प्रदेश व्यापी आंदोलन के संचालन के लिए समिति भी बनाई गई है. इस समिति के छह सह संयोजक और 31 सदस्य बनाए गए है. इन 31 सदस्यों में 10 नेता पुत्र है.

भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडे ने कहा है कि राज्य की कमलनाथ सरकार जनहित के मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही है. यही कारण है कि भाजयुमो ने प्रदेश व्यापी लड़ाई लड़ने का फैसला लिया है. इसके लिए आंदेालन संचालन समिति बनाई है. भाजयुमो की समिति बनाई गई है, उसमें भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय चौहान, सांसद प्रभात झा के बेटे तुष्मुल झा, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर, पूर्व मंत्री गौरी शंकर शेजवार के पुत्र मुदित शेजवार, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के पुत्र सुकर्ण मिश्रा, दीपक जोशी के पुत्र जयवर्धन जोशी, अर्चना चिटनीस के पुत्र समर्थ चिटनीस, सांसद नंद कुमार सिंह चौहान के पुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान, पूर्व विधायक तारा चंद्र बावरिया के पुत्र सौरव बावरिया को सदस्य बनाया गया है.

आज सभी दलों में वंशवाद स्वीकार्य: कांग्रेस
भाजयुमो की आंदोलन समिति में नेता पुत्रों को स्थान दिए जाने पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अजय यादव ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है, आज सभी दलों में वंशवाद स्वीकार्य हो गया है. भाजपा के कुछ नेताओं ने वंशवाद का बढ़ावा सिर्फ इसलिए नहीं दिया क्योंकि उनका परिवार ही नहीं था, अब तो भाजपा के सभी नेता परिवार को महत्व दे रहे हैं. वहीं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि कांग्रेस के लोगों को दिल्ली की याद आ गई होगी, इसलिए उन्हें भाजपा नजर आने लगी है.