भोपाल: मध्‍य प्रदेश मरे हुए कौवों में घातक वायरस पाए जाने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में बर्ड फ्लू का अलर्ट जारी किया है. ताजा जानकारी के मुताबिक, मंदसौर में मृत मिले कौवों के नूमनों से बर्ड फ्लू की पुष्‍ट‍ि हो चुकी है.Also Read - MP vs MUM, Ranji Trophy 2021-22 Final Highlights: आखिरकार मध्य प्रदेश ने रच दिया इतिहास, फाइनल मैच में 41 बार की चैंपियन मुंबई को हराया

पशुपालन विभाग मंदसौर के डॉ. मनीष इंगोले ने कहा, स्टेट लैब में भेजे गए मृत कौवे के चार नमूनों में बर्ड फ्लू पाया गया है. मंदसौर में 23 दिसंबर और 3 जनवरी के बीच लगभग 100 कौवों की मौत हो गई थी. संक्रमित क्षेत्र के 1 किमी के भीतर निगरानी करने के लिए मेडिकल टीम को कहा गया है. Also Read - MP vs MUM, Final Match: चौथे दिन स्टंप तक मुंबई का स्कोर 113/2, 49 रन से आगे मध्यप्रदेश

बता कि सोमवार को राज्‍य के विभिन्‍न जिलों से कौवों के मरने की खबरें सामने आई हैं. एमपी में 23 दिसंबर से 3 जनवरी 2021 तक इंदौर में 142, मंदसौर में 100, आगर-मालवा में 112, खरगोन जिले में 13 और सीहोर में 9 कौवों की मौत हो चुकी है. इस पर पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल के निर्देश पर अलर्ट जारी किया गया है. Also Read - एमपी: लव अफेयर में विवाद, पुलिस इंस्पेक्टर ने महिला एएसआई को मारी गोली, फिर कर ली सुसाइड

मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग की विज्ञप्ति में सोमवार को कहा गया है, ”प्रदेश में हो रही कौवों की मृत्यु पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिए पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल के निर्देश पर अलर्ट जारी किया गया है.” इसके अलावा, प्रदेश के सभी जिलों को सतर्क रहने तथा किसी भी प्रकार की परिस्थिति में कौवों और पक्षियों की मृत्यु की सूचना पर तत्काल रोग नियंत्रण के लिए भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के तहत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं.

अलर्ट के संबंध में जारी बयान में कहा गया है, ”प्रदेश में 23 दिसंबर से 3 जनवरी 2021 तक इंदौर में 142, मंदसौर में 100, आगर-मालवा में 112, खरगोन जिले में  13 और सीहोर में नौ कौवों की मृत्यु हुई है. मृत कौवों के नमूने तत्काल भोपाल स्थित स्टेट डी.आई. प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं.”

इंदौर में नियंत्रण कक्ष की स्थापना कर त्वरित प्रतिक्रिया दल द्वारा कार्यवाही की जा रही है. विज्ञप्ति के अनुसार, जिलों में पदस्थ पशुपालन विभाग के अधिकारियों से कहा गया है कि कौवों की मृत्यु की सूचना प्राप्त होते ही जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में स्थानीय प्रशासन और अन्य विभागों के समन्वय से तत्काल नियंत्रण एवं शमन की कार्यवाही कर रिपोर्ट भेजें.

साथ ही पोल्ट्री एवं पोल्ट्री उत्पाद बाजार, फार्म, जलाशयों एवं प्रवासी पक्षियों पर विशेष निगरानी रखते हुए प्रवासी पक्षियों के नमूने एकत्र कर भोपाल लैब को भेजें.

रोग नियंत्रण कार्य में लगे हुए अमले को स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीपीई किट, एंटी वायरल ड्रग, मृत पक्षियों, संक्रमित सामग्री एवं आहार का डिस्पोजल और डिसइन्फेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

पशुपालन मंत्री पटेल ने कहा, ”कौवों में पाया जाने वाला वायरस एच5एन8 अभी तक मुर्गियों में नहीं मिला है. मुर्गियों में पाया जाने वाला वायरस सामान्यत: एच5एन1  होता है.” पटेल ने लोगों से अपील की कि पक्षियों की मृत्यु की सूचना तत्काल स्थानीय पशु चिकित्सा संस्था या पशु चिकित्सा अधिकारी को दें.