नई दिल्‍ली: केंद्र की नरेन्‍द्र मोदी सरकार में विदेश मामलों के मंत्रालय की जिम्‍मेदारी संभाल रही विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज 2019 में लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी. ये बात उन्‍होंने मध्‍य प्रदेश विधानसभा प्रचार के बीच इंदौर की एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में ये बड़ा ऐलान किया है कि वे आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी. सुषमा ने कहा कि मैंने मन बनाया है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में मैं नहीं लड़ूंगी. 66 साल की इस तेज तर्रार नेता ने चुनाव नहीं लड़ने के पीछे स्‍वास्‍थ्‍य कारणों के चलते ऐसा निर्णय लिया है. सुषमा अभी एमपी की विदिशा सीट से सांसद हैं. Also Read - बीजेपी सांसद ने लोकसभा चुनाव लड़ने को बनवाया था फर्जी जाति प्रमाण पत्र, एफआईआर

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स्वराज ने कहा, “वैसे तो मेरी चुनावी उम्मीदवारी तय करने का अधिकार मेरी पार्टी को है. लेकिन स्वास्थ्य कारणों से मैंने अपना मन बना लिया है कि मैं अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ूंगी.” सुषमा, 2009 से ही लोकसभा में मध्यप्रदेश के विदिशा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्‍व कर रही हैं.

दिसंबर 2016 में किडनी प्रतिरोपण
बीजेपी की 66 वर्षीय नेता ने कहा, “विदिशा से वर्ष 2009 में लोकसभा सदस्य चुने जाने के बाद मैं सदन की नेता प्रतिपक्ष और इसके पश्चात विदेश मंत्री के अहम पदों पर आसीन होने के बावजूद आठ साल तक अपनी संसदीय सीट के आठों विधानसभा क्षेत्रों में हर महीने नियमित तौर पर जाती थी. लेकिन दिसंबर 2016 में किडनी प्रतिरोपण के बाद मुझे डॉक्टरों ने धूल से बचने की हिदायत दी है. इस कारण मैं पिछले एक साल से चुनावी सभाओं में भी भाग नहीं ले पा रही हूं.”

 

स्वास्थ्य कारणों से कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सकती 
सुषमा ने कहा, “मैं स्वास्थ्य कारणों से खुले स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सकती हूँ. मैं बंद सभागारों में ही कार्यक्रम कर सकती हूं. मैंने अपने नेतृत्व से भी कहा है कि अपने स्वास्थ्य की मर्यादा को देखते हुए मुझे धूल से बचना है.”

धूल से बचने की डॉक्टरी हिदायत
स्वराज ने कहा, “मैं विदेश तो जा सकती हूं. लेकिन धूल से बचने की डॉक्टरी हिदायत के कारण गुजरे अरसे में विदिशा नहीं जा सकी, क्योंकि कुछेक कस्बों को छोड़कर मेरा पूरा संसदीय क्षेत्र देहाती है.”

गुमशुदा वाले पोस्टर पर कुछ नहीं कहना
गुजरे अरसे में विदिशा क्षेत्र में स्वराज के नहीं पहुंचने पर नाराज लोगों ने लोकसभा सांसद को “गुमशुदा” बताते हुए पोस्टर लगाए थे. इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “अगर मेरे विरोधी मेरे स्वास्थ्य के प्रति इस कदर संवेदहीन होकर ऐसे पोस्टर लगाते हैं, तो मुझे इस पर कुछ नहीं कहना.”

विदिशावासियों से किए गए सारे वादे दिल्ली में बैठकर पूरे किए
सुषमा ने कहा, ”मेरा रिकॉर्ड मध्यप्रदेश की ऐसी लोकसभा सांसद का रहा है, जिसने अपने क्षेत्र का सबसे ज्यादा दौरा किया है. पिछले दो साल के दौरान मैं भले ही अपने संसदीय क्षेत्र का दौरा नहीं कर सकी हूं. लेकिन मैंने विदिशावासियों से किए गए सारे वादे दिल्ली में बैठकर पूरे किए हैं.” स्वराज ने कहा, “बुधनी-इंदौर रेललाइन को मंजूरी दिलाने का वायदा भी मैंने आगामी चुनावों से पहले पूरा कर दिया है.”

वैश्‍व‍िक मंचों पर भारत का पक्ष बड़ी ही मजबूती से रखा
बता दें कि सुषमा को हेल्‍थ संबंधी कुछ समस्‍याएं हैं. उन्‍होंने कुछ समय पहले किडनी का भी प्रत्‍यर्पण कराया था. सुषमा अपने कामकाज के साथ ही सोशल मीडिया में काफी सक्रियता के लिए जानी जाती हैं. वे कई बार लोगों की समस्‍याओं को ट्वि‍टर के जरिए हल करने के चलते खबरों में रहीं हैं. सुषमा ने यूएन समेत कई वैश्‍व‍िक मंचों पर भारत का पक्ष बड़ी ही मजबूती से रखा है.

आपातकाल का जमकर विरोध किया था
सुषमा स्वराज एक भारतीय राजनीति के बड़े नेताओं में शुमार हैं. वे साल 2009 में संसद में नेता प्रतिपक्ष भी बनी थीं. इसके पहले भी वे केंद्र में कैबिनेट मंत्री और दिल्ली की मुख्‍यमंत्री भी रह चुकी हैं. सुषमा का जन्‍म अंबाला छावनी में हुआ था. उन्‍होंने एस.डी. कॉलेज अंबाला छावनी से गैजुएशन और चंडीगढ़ स्‍थित पंजाब यूनिवसिर्टी से लॉ किया है. उन्‍होंने आपातकाल का जमकर विरोध किया था. यहीं से सक्रिय राजनीति से जुड़ गईं. बीजेपी के संगठन में कई अहम पदों पर जिम्‍मेदारी निभाई है. साल 2014 में उन्हें भारत की पहली महिला विदेश मंत्री होने का गौरव प्राप्त हुआ है.