इंदौर: भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के एक कथित विवादास्पद बयान का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस शासित मध्यप्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. इस बीच, पुलिस ने यहां विजयवर्गीय समेत करीब 350 भाजपा कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोपों वाली धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है. बता दें कि कैलाश विजयवर्गीय ने अफसर से मिलने के लिए समय मांग रहे थे लेकिन उन्हें समय नहीं मिला. जिसके कारण उन्होंने कहा कि हमारे संघ के पदाधिकारी (यहां) हैं, नहीं तो आज आग लगा देता इंदौर में. Also Read - MP: इंदौर में 19 साल की कॉलेज छात्रा से 5 युवकों ने किया गैंगरेप, मरने के लिए रेलवे ट्रैक पर फेंक गए

संयोगितागंज पुलिस थाने के प्रभारी नरेंद्र सिंह रघुवंशी ने रविवार को बताया कि शुक्रवार को दोपहर रेसीडेंसी क्षेत्र में बिना अनुमति किए गए धरना-प्रदर्शन को लेकर एक तहसीलदार की शिकायत पर लगभग 350 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शनिवार देर रात प्राथमिकी दर्ज की गई. इनमें विजयवर्गीय, इंदौर लोकसभा क्षेत्र के सांसद शंकर लालवानी और भाजपा के अन्य स्थानीय नेता शामिल हैं. रघुवंशी ने बताया कि इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 143 (विधिविरुद्ध जमाव में शामिल होना), धारा 149 (विधिविरुद्ध जमाव के किसी भी सदस्य द्वारा साझा मकसद को लेकर कोई अपराध किए जाने की सूरत में इस समूह का हर सदस्य उस जुर्म का दोषी होगा), धारा 153 (बलवा कराने की नीयत से भीड़ को अनियंत्रित तौर पर उकसाना), धारा 188 (किसी सरकारी अधिकारी के आदेश की अवज्ञा) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. Also Read - मध्य प्रदेश में बड़ा राशन घोटाला: गरीबों का ढाई लाख किलो राशन खा गए अफसर-माफिया, 31 के खिलाफ केस, 3 पर NSA लगा

विजयवर्गीय की अगुवाई में दो दिन पहले किए गए जिस धरना-प्रदर्शन को लेकर यह प्राथमिकी दर्ज की गई है, उसमें भाजपा के 63 वर्षीय महासचिव ने आरोप लगाया था कि सूबे में सत्तारूढ़ कांग्रेस के इशारे पर स्थानीय प्रशासन भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ राजनीतिक दुर्भावना से पक्षपातपूर्ण कार्रवाई कर रहा है. इस प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर पहले ही वायरल हो चुका है. विजयवर्गीय इस वीडियो में कहते सुनाई पड़ रहे हैं, “आखिर कोई प्रोटोकॉल होता है या नहीं? हम सरकारी अधिकारियों से लिखित निवेदन कर रहे हैं कि हम उनसे मिलना चाहते हैं. क्या वे हमें यह सूचना भी नहीं देंगे कि वे शहर से बाहर हैं? यह अब हम बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे. हमारे संघ के पदाधिकारी (यहां) हैं, नहीं तो आज आग लगा देता इंदौर में.” Also Read - दो होटलों में चल रहा था Sex Racket, पुलिसकर्मी 'ग्राहक' बनें तो 5 युवतियों समेत 12 आए शिकंजे में

भाजपा महासचिव का यह बयान तब सामने आया, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की आंतरिक बैठकों के लिए संगठन के प्रमुख मोहन भागवत और इसके अन्य शीर्ष पदाधिकारी इंदौर में ही थे. संघ पदाधिकारी अब भी शहर में ही हैं. थाना प्रभारी ने बताया कि प्राथमिकी में दर्ज आपराधिक धाराओं की रोशनी में विजयवर्गीय के विवादास्पद बयान की भी जांच की जा रही है. मामले में फिलहाल किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है. सूबे में सत्तारूढ़ कांग्रेस के कई नेताओं ने विजयवर्गीय के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा पर निशाना साधा है. उधर, विजयवर्गीय के बचाव में भाजपा आरोप लगा रही है कि कमलनाथ की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार माफिया रोधी अभियान की आड़ में सूबे के प्रमुख विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है.