मध्य प्रदेश में फिल्मी स्टाइल ड्रामा! तालाब में ऑक्सीजन का जुगाड़ कर छिपा था 400 चोरियों का मास्टरमाइंड, जानिए कैसे हुआ 'गेम ओवर?

Madhya Pradesh Crime: ये चोर हमेशा एसी कोचों को निशाना बनाता था, बिना आईडी के यात्रा करता था और सिम बदलकर फरार रहता था.आरपीएफ ने आरोपी के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया. बाद में उसे जीआरपी भोपाल को सौंप दिया गया. अन्य राज्यों की पुलिस भी उससे पूछताछ के लिए पहुंच रही है.

Published date india.com Updated: April 9, 2026 3:30 PM IST
पढ़िए पूरी कहानी
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Madhya Pradesh Crime News: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा रोड रेलवे स्टेशन के पास खितौला इलाके में एक अनोखी घटना सामने आई है. एक अंतरराज्यीय चोर ने पुलिस से बचने के लिए तालाब में छिपने का ऐसा तरीका अपनाया, जो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था. आरोपी ने करीब 5 घंटे तक पानी की तह में डूबकर कमल की खोखली डंठल (कमल-नाल) से सांस ली, लेकिन रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता और गोताखोरों की मदद से उसे आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया.

महिला यात्री का पर्स खींचने की कोशिश

यह घटना 7 अप्रैल 2026 की सुबह हुई.सुबह करीब 4:50 बजे रीवा-इतवारी एक्सप्रेस ट्रेन (ट्रेन नंबर 11753) के एसी कोच में आरोपी ने एक महिला यात्री का पर्स खींचने की कोशिश की. महिला जाग गई तो आरोपी ट्रेन धीमी होते ही चेन पुलिंग कर बाहर कूद गया. आरपीएफ के जवान उसे संदिग्ध मानकर पीछा करने लगे. आरोपी भागकर स्टेशन के पास स्थानीय बाजार क्षेत्र में स्थित काई और शैवाल से भरे गहरे तालाब की ओर बढ़ा.

जवानों को देखते ही आरोपी तालाब में कूद पड़ा

आरपीएफ जवानों को देखते ही आरोपी तालाब में कूद पड़ा. रात के अंधेरे और घनी काई के कारण वह तुरंत नजरों से ओझल हो गया. पुलिस ने इलाके को घेर लिया, लेकिन आरोपी पानी की सतह पर नहीं दिखा. बाद में पता चला कि वह पूरी तरह डूबकर छिपा हुआ था.आरोपी ने सांस लेने के लिए तालाब में उगे कमल की खोखली डंठल का इस्तेमाल किया. वह केवल डंठल के जरिए बाहर से ऑक्सीजन लेता रहा और 5 घंटे तक पानी के अंदर ही रहा. इस अनोखे जुगाड़ ने पुलिस को भी हैरान कर दिया.

आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब ने तुरंत स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की टीम बुलाई. करीब 5 घंटे की लगातार तलाश और मशक्कत के बाद गोताखोरों ने काई के बीच से आरोपी को ढूंढ निकाला. बाहर निकालते समय आरोपी ने फिर भागने की कोशिश की, जिसमें आरपीएफ के कुछ जवान हल्के घायल भी हुए.

पकड़े जाने के बाद आरोपी ने अपना नाम बबलू और पता चंडीगढ़ बताया, लेकिन आरपीएफ अधिकारियों को शक हुआ. उन्होंने 2018 की पुरानी वांटेड लिस्ट का फोटो याद किया और आरोपी को उसके उर्फ ‘सनी’ नाम से पुकारा. आरोपी सन्न रह गया और अपनी असलियत बतानी पड़ी.

400 से ज्यादा ट्रेन चोरियों का मास्टरमाइंड

आरोपी की पहचान हरविंदर सिंह (32 वर्ष) के रूप में हुई. वह उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले का रहने वाला है और 2017 में हल्दौर नगर निकाय का निर्दलीय पार्षद भी रह चुका है. वह देशभर में 400 से ज्यादा ट्रेन चोरियों का मास्टरमाइंड माना जाता है. उसके खिलाफ 21 से अधिक मामले दर्ज हैं और 8 राज्यों (मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल आदि) की पुलिस उसे ढूंढ रही थी.

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