इंदौर: देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर में इस महामारी की जद में आए एक डॉक्टर की मौत हो गई है. इसके साथ ही, जिले में इस महामारी से दम तोड़ने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 110 पर पहुंच गई है जिनमें तीन डॉक्‍टर शामिल हैं. Also Read - अरविंद केजरीवाल के बयान पर सिंगापुर ने दिया जवाब- हमारे देश में कोई नया वेरिएंट नहीं, जो है वह भारत में हुआ पैदा

बता दें कि कोविड-19 का प्रकोप बरकरार रहने के कारण इंदौर जिला ‘रेड जोन’ में बना हुआ है. जिले में इस महामारी के मरीजों की संख्या बढ़कर 2,850 पर पहुंच गई है. इनमें से 110 मरीजों की मौत हो चुकी है. जिले में बीते डेढ़ महीने के दौरान 62 वर्षीय जनरल फिजिशियन और 65 वर्षीय आयुर्वेद चिकित्सक की भी कोविड-19 से मौत हो चुकी है. Also Read - Covid 19 in India: कोरोना संक्रमण में आई कमी, लेकिन कम नहीं हो रहे मौत के आंकड़े, 1 दिन में 4,525 लोगों की हुई मौत

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. प्रवीण जड़िया ने शुक्रवार को बताया कि कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद 67 वर्षीय डॉक्टर शहर के एक निजी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती थे. उन्होंने कहा, “तमाम कोशिशों के बावजूद वरिष्ठ डॉक्टर की जान नहीं बचाई जा सकी. उन्होंने गुरुवार शाम अस्पताल में आखिरी सांस ली.” Also Read - Doctor Prabhat Kumar Dies: बिहार के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभात कुमार की कोरोना संक्रमण से मौत

डॉ. जड़िया ने बताया कि कोविड-19 से दम तोड़ने वाले जनरल फिजिशियन निजी प्रैक्टिस करते थे. हालांकि, जब वह कोविड-19 की जद में आए, तब शहर में इस महामारी का संक्रमण रोकने के उपाय के तहत निजी क्लिनिक चलाए जाने पर रोक लगी थी.

सीएमएचओ ने बताया कि पता लगाया जा रहा है कि वरिष्ठ डॉक्टर कोविड-19 से किस तरह संक्रमित हुए थे. जिले में गुजरे डेढ़ महीने के दौरान 62 वर्षीय जनरल फिजिशियन और 65 वर्षीय आयुर्वेद चिकित्सक की भी कोविड-19 से मौत हो चुकी है.

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक कोविड-19 का प्रकोप बरकरार रहने के कारण इंदौर जिला ‘रेड जोन’ में बना हुआ है. जिले में इस महामारी के मरीजों की संख्या बढ़कर 2,850 पर पहुंच गई है. इनमें से 110 मरीजों की मौत हो चुकी है.