नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के शिवपुरी इलाके से एक शर्मसार कर देने वाला वाकया सामने आया. एक ट्रक ड्राइवर प्रवासी मजदूर के शव को सड़क किनारे उसकी तीन नाबालिग बेटियों के साथ छोड़कर फरार हो गया. कोरोना संकट में जहां इंसान एक दूसरे की मदद में लगा है तो वहीं इस घटना ने एक बार फिर से मानवता को शर्मसार कर दिया है. Also Read - मामूली घरेलू विवाद में पिता को आया इतना गुस्सा कि दोस्त के साथ तीन बेटियों को नदी के पास ले जाकर....! तलाश जारी

घटना रविवार की है. एक अधिकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के शिवपुरी के करेरा के पास एक ट्रक ड्राइवर ने प्रवासी मजदूर के शव को वहीं सड़क किनारे छोड़ दिया. मजदूर के साथ उसकी तीन नाबालिग बेटियां भी थीं. करेरा के तहसीलदार गौरी शंकर बैरवा ने बताया कि यह मजदूर ट्रक के जरिए मुंबई से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जा रहा था तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई. उन्होंने बताया कि ट्रक ड्राइवर ने करेरा के पास उसके शव को एक सड़क किनारे छोड़ दिया और वहां से भाग गया. उस मजदूर के साथ उसकी तीन बेटियां भी थीं. Also Read - Noida: गार्मेंट कंपनी में लगी भीषण आग, एक दर्जन दमकल गाड़ियों को घंटों करनी पड़ी मशक्कत

बता दें कि देश में लॉकडाउन का चौथा चरण चल रहा है जोकि 31 मई तक जारी रहेगा. जब से लॉकडाउन लगा है तब से पूरे देश में प्रवासी मजदूर अपने मूल राज्यों में जाने के लिए परेशान हैं. देश में कोरोना संकट के साथ-साथ मजदूर संकट भी चल रहा है. हालांकि मजदूरों को उनके राज्यों में पहुंचाने के लिए सरकारों ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं. मजदूर अपने घरों में जाने के लिए अवैध रूप से ट्रकों में छिपकर जा रहे हैं. इसके चलते कई मजदूरों की जानें भी गई हैं.

विभिन्न राज्यों से लौट रहे मजदूरों को मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली रीवा-प्रयागराज मार्ग पर चाकघाट बैरियर पर रोके जाने के कारण हंगामा हो गया. शनिवार की रात मजदूरों पर लाठियां बरसाई गईं, वहीं रविवार को भी मजदूरों ने हंगामा किया और बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ गए. जानकारी के अनुसार, दूसरे राज्यों के मजदूरों को मध्य प्रदेश की सीमा में बसों से भेजने का सरकार की ओर से दावा किया गया है, मगर बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश को जाने वाले मजदूर पैदल चाकघाट बैरियर पर पहुंच गए, मगर उन्हें उत्तर प्रदेश की सीमा से पहले ही रोक दिया गया.