नई दिल्‍ली: मध्‍य प्रदेश में बुधवार को कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के एक विधेयक के पक्ष में बीजेपी के दो विधायकों ने वोटिंग की है.  मध्य प्रदेश विधानसभा में एक विधेयक पर मतदान के दौरान बीजेपी  के दो विधायकों नारायण त्रिपाठी और शरद कोल ने अपना समर्थन प्रदेश की कांग्रेस सरकार को दिया. ये चौकाने वाला स‍ियासी  घटनाक्रम मध्‍य प्रदेश की विधानसभा में बीजेपी के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के उस दावे के बाद हुआ, जिसमें उन्‍होंने सदन में मुख्‍यमंत्री कमलनाथ से कह दिया था कि अगर हमारे ऊपर वाले नंबर 1 या दो का आदेश हुआ तो 24 घंटे भी आपकी सरकार नहीं चल पाएगी. इस पर सीएम कमलनाथ ने कहा कि आपके ऊपर वाले नंबर एक और नंबर 2 समझदार हैं, इसलिए आदेश नहीं दे रहे हैं. आप चाहे तो अविश्‍वास प्रस्‍ताव (नो कॉफि‍डेंस मोशन) ले आएं. Also Read - उर्मिला मांतोंडकर शिवसेना में हुईं शामिल, कांग्रेस से लड़ चुकी हैं लोकसभा चुनाव

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हमारे ऊपर वाले नंबर 1 या नंबर 2 का आदेश हुआ तो 24 घंटे भी नहीं चलेगी कमलनाथ सरकार: बीजेपी नेता Also Read - GHMC Poll Latest News: केंद्रीय गृह मंत्री रेड्डी, असदुद्दीन ओवैसी समेत इन दिग्‍गजों ने की वोटिंग

बीजेपी के 2 विधायकों के सरकार के एक बिल के पक्ष में वोटिंग करने के बाद मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने कहा, हर दिन बीजेपी कहती है हम एक अल्‍पमत सरकार हैं और वह किसी भी दिन गिर जाएगी. आज विधानसभा में (क्र‍िमिनल लॉ अमेंडमेंट) दो बीजेपी विधायकों ने हमारी सरकार के पक्ष में वोटिंग की है.

मध्य प्रदेश विधानसभा में आपराधिक कानून (संशोधन) पर मतदान के दौरान कमलनाथ सरकार के पक्ष में मतदान करने वाले भाजपा विधायकों, नारायण त्रिपाठी और शरद कौल को कांग्रेस ने एक अज्ञात स्थान पर भेज दिया है. वे आज रात सीएम कमलनाथ के साथ रात्रि भोज में शामिल होंगे.

जब नेत प्रतिपक्ष भार्गव ने 24 घंटे में कांग्रेस सरकार गिरने की बात कही थी तो सीएम कमलनाथ ने ध्यानाकर्षण पर चर्चा के दौरान कहा था, विपक्ष चाहे तो वह कभी भी बहुमत का परीक्षण कर ले, हम आज ही इसके लिए तैयार है, यहां कोई विधायक बिकाऊ नहीं है. कांग्रेस की सरकार पूरे पांच साल चलेगी और दम के साथ चलेगी. विकास का एक ऐसा नक्शा बनेगा जो हर वर्ग के लिए होगा.

इस घटनाक्रम के बाद मध्‍य प्रदेश में अब शह और मात का खेल तेज हो चुका है. अब बीजेपी को अपनी ताकत और एकजुटता साबित करना होगी. कमलनाथ ने पिछले दरवाजें से बीजेपी को इस कदम से उकसा दिया है. अब देखना होगा राजनीति का ऊंट किस ओर करवट लेता है. बता दें कि मध्‍य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 114, बसपा के दो, सपा का एक और चार निर्दलीय विधायक हैं. विपक्षी भाजपा के 108 विधायक हैं. एक विधायक के सांसद बन जाने से एक स्थान अभी रिक्त है.